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अमेरिका में बेस्टमैन बने नौजवानों ने बिंदी लगाई, हाथ में हाथ जोड़कर फैंस आए अंजान | अमेरिका में बेस्ट मैन बने युवाओं ने भी पहनी बिंदी, हाथ में हाथ डाले घूमते दिखे

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शिकागो3 मिनट पहले

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कपड़ों को लेकर महिला-पुरुष के धारणा टूटते हुए दो युवकों का वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो अमेरिका के शिकागो का है, इसमें दो लड़के प्रामाणिक वेश में बिंदीदार हाथ में जिम्मेदारी लेते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों अपने दोस्त की शादी के लिए तैयार थे।

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शिकागो में रहने वाले एक भारतीय जोड़े की शादी थी। उनकी शादी में अमेरिकी दोस्त ग्रूम्स के बेस्टमैन बने थे। दूल्हा और दुल्हन दोनों भारतीय हैं, इसलिए अमेरिकी दोस्तों ने अपनी शादी में ठेठ भारतीय ड्रेस पहनने का फैसला लिया। दोनों ने एक ड्रेस डिज़ाइनर की मदद से प्रतिष्ठा भरी। इतनी ही नहीं बिंदी भी फड़फड़ा रही है।

दूल्हा अपनी हंसी नहीं रोक पाया
जब दोनों दोस्त शादी में अपना यह अतरंगी फैशन लेकर पहुंचे तो दुल्हा और दुल्हन अपनी हंसी नहीं रोक पाए। दुल्हन तो शर्मा गई, लेकिन दुखों ने हंसते हुए दोनों को गले लगाया और उनकी शक्ति की दाद दी। शिकागो के वेडिंग वीडियोग्राफर पैरागॉनफिल्म्स ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो शेयर किया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो की खूब चर्चा
दोनों युवकों के इस फैशन की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है। कुछ देखकर घबराए हुए हैं तो कुछ उनकी हंसी उड़ रहे हैं। जबकि कई लोग अपनी हार के दादा दे रहे हैं। उनका कहना है कि ये जेंडर स्टोरी टाइप को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इंस्टाग्राम पर शेयर वीडियो को अब तक हजारों लाइक और मिलियन सीन मिल चुके हैं।

रणबीर-आयुष्मान योजना हैं स्मार्ट

‘कॉफी विद करण’ के सातवें सीजन के आखिरी एपिसोड में करण जौहर ने रणबीर सिंह को अपना ‘फैशन बडी’ बताया। उन्होंने कहा था कि हम एक-दूसरे को मैसेज कर सकते हैं कि ल्यूक्स की ख्वाहिशें पूरी कर रहे हैं। इसी शो के पहले एपिसोड में रणवीर सिंह ने खुलासा किया कि उनकी मदर-इन-लॉ ने समय रहते ही अपना वॉर्डरोब स्वीकार कर लिया। हालांकि, उनके पास 2 वर्डरोब हैं। जब उन्हें दीपिका पादुकोण के पेरेंट्स के घर दिया जाता है तो वे व्हाइट टी-शेयर और ट्रैंगल ही पैक करते हैं।

रणवीर सिंह की ड्रेसिंग सेंस का भले ही लोग मजाक बनाते हैं लेकिन कम ही लोगों को पता चलता है कि उनका फैशन एक खास कैटिगरी में आता है। उनका यह ड्रेसिंग स्टाइल ‘जेंडर फ्री फैशन’ है।

ग्राफिक्स से समझें ‘एंड्रॉनजन से फैशन’ क्या है

फैशन ने महिला-पुरुष का भेद तोड़ा
सेलिब्रिटी फैशन डिजाइनर सलीम असगर अली ने बताया कि इस बीच एक ऐसा दौर भी आया कि जेंडर के होश से कपड़े का बंटवारा हो गया, लेकिन अब यह दीवार टूट गई है। आज की पीढ़ी और LGBTQ सहित कई समुदायों ने इस भेद कोड़ा।

ऐंड्रॉनजनस फैशन हमारे किस्में की पहचान है। पुराने जमाने के कपड़े किसी एक जेंडर से जुड़े नहीं थे।

फैशन ने अब लोगों को कुछ भी पहनने की आजादी दी है। वह कहते हैं कि ‘मैं खुद भी ‘जेंडर फ्लूइड’ हूं। विए जब जैसा मन वैसी ड्रेस पहनता है। जेंडर फ्लूइड (लिंग द्रव) यानी कभी-कभी मैं अपने अंदर ‘मेल’ को ज्यादा महसूस करता हूं और कभी मेरे अंदर का ‘फेमिनिन साइड’ जाग जाता है। एक दिन मुझे लगता है कि मैं मर्द हूं और फिर अगले दिन मेरे अंदर छिपे कमसिन बाहर आने को होती है। तो मैं वैसे ड्रेसअप करता हूं।’

प्रामाणिक और मेकअप में सलीम असगर अली के अलग ल्यूक:

फ्रांस के राजा बने उदाहरण
फ्रांस में 1643-1715 तक शासन कर चुके किंग लुईस XIV के महान लोगों को भी कहा जाता था, उनकी शैली भी ऐंड्रॉनजनस फैशन की मिसाल बनी। वह डायवर्टेड स्कर्ट (डाइवर्टेड स्कर्ट), स्टॉकिंग्स, हाई हील्स के कपड़े पहनती हैं।

फ्रांस के राजा लुईस द ग्रेट की तस्वीर, वॉलपेपर: विकिपीडिया

फ्रांस के राजा लुईस द ग्रेट की तस्वीर, वॉलपेपर: विकिपीडिया

इंडस्ट्री रेवॉल्यूशन ने कपड़ों का बंटवारा किया है
फ्रेंच रेवॉल्यूशन (1789 -1799) और इंडस्ट्री रेवॉल्यूशन (1760 -1840) ने महिलाओं और पुरुषों के कपड़ों की शैली न केवल फ्रांस बल्कि दुनिया में बदल दी। ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के राज में पुरुषों के चमकीले रंग बिल्कुल कम ही दिखे। ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक जॉन फ्लूजेल ने इसे पुरुषों का सबसे बड़ा त्याग कहा है। स्कर्ट के खेमों में आ गई थी।

1920 में कुछ डिज़ाइनर्स ने ऐंड्रॉज़न फैशन को दुनिया के सामने शोकेस किया तो लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। कुछ लोगों ने इसे बदलाव के तौर पर देखा तो कुछ ने इसकी आलोचना की। 1930 में आधुनिकता के दौर में एलियन फैशन शो में ऐसी ड्रेसेज देखने को मिली।

जब पहली बार महिला ने पब्लिक में पहना ‘मर्दाना सूट’
प्यूर्टो रिको की प्रसिद्ध लेखिका और वुमन राइट्स की एक्टिविस्ट—लुइसा कैपेटिलो नेमरदाना सूट और टाई वीयर। धीरे-धीरे महिलाओं ने मर्दों के कपड़े गोदना शुरू कर दिए।

अमेरिका की मशहूर डिज़ाइनर एलिजाबेथ मिल्ली पहली डिज़ाइनर थीं जो महिलाओं के लिए अलग-अलग तरह के ट्राउजर बनाती हैं जिन्हें ‘द ब्लूमर’ नाम दिया जाता है और बच्चों के लिए भी ब्लूमर बनाए जाते हैं।

1850 में ‘द ब्लूमर’ लोकप्रिय हुआ और पैंट महिलाओं की वार्डरोब का हिस्सा बन गया।

पुराने जमाने में भी था ‘ऐंद्रोजन फैशन’:

पहले विश्व युद्ध के आसपास महिलाओं में फ्लैपर स्टाइल बनाया गया

1914 में पहले विश्वयुद्ध की शुरुआत कपड़ों को लेकर लिंगभेद मिटाने लगा था। उन दिनों फैशन जगत के बड़े नाम कोको चैनल और पॉल पॉइरेट ने फ्लैपर स्टाइल को लोकप्रिय बनाया। फ्लैपर स्टाइल यानी ट्राउजर और चिक बॉब हेयरस्टाइल, महिलाओं के बीच में बना। सेलेब्स ने इसे लोकप्रिय बनाया।

1930 में जर्मनी की एक्ट्रेस मार्लिन डायट्रिच पहली सिलेब थीं, जिन्होंने फ्लैपर ऐंड्रॉन्सस स्टाइल को अपनाया।

सिनेमा और संगीत से जुड़े लोग प्रतिबिंब क्रांति

1960-70 के दशक में पश्चिमी देशों में महिलाओं की आज़ादी के लिए आंदोलन शुरू हुआ। फ्रांस की प्रसिद्ध कंपनी यवेस सेंट लॉरेंट ने ‘ले स्मोकिंग’ के अनुरूप डिजाइन किया।

वहीं, अमेरिका की मशहूर सिंगर एल्विस प्रेस्ली भी ऐंड्रॉन्स स्टाइल में ड्रेस आई मेकअप के साथ परफॉर्म करती नजर आती हैं।

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