आज का इतिहास: एक्सपेरिमेंटल टीवी से शुरू दूरदर्शना रामायण-महाभारत से घर-घर, आज देश का सबसे पुराना डेटार

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  • दूरदर्शन: आज का इतिहास आज का इतिहास १५ सितंबर | टीवी सीरियल रामायण महाभारत एंड इंजीनियर्स डे

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️ जब️ जब️ अलग-अलग टीवी टीवी पर अलग-अलग अलग-अलग लोग अलग-अलग तरह के होते हैं, जैसे कि कभी-कभार. भारत में आज के दिन 1959 में दूरदर्शन शुरू हुआ। .

भारत में दूरदर्शन की पहचान की गई थी और यह टेलीविजन इंडिया था। प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन और प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और शुद्धिकरण अल इंडिया रेडियो था। 1965 से प्रसारण प्रसारण.

१९७५ में देश के ६ में तीव्रता से नियंत्रणीय प्रसारण टेलीविजन एक्सपेरिमेंट (साइट) शुरू हुआ। इन टीवी चैनलों में सेट किया गया है। 1976 में दूरदर्शन अल इंडिया रेडियो से अलग हो गया।

1982 का साल भारत में टीवी के लिए गेम। इसी साल दूरदर्शन ने इनसैट -1 के जरिए पहली बार नेशनल ब्रॉडकास्ट किया। … लाइट से टीवी का कायापलट। नई-नए व्यवस्थित करें। संचार संचार. शाम 1966 में कृषि का विकास शुरू हो रहा है।

2020 में रामायण का दूरदर्शिता पर अवलोकन किया गया।  16 अप्रैल 2020 को रामायण को 7.7 करोड़ लोगों ने देखा, जो किसी भी तरह के निरीक्षण में महान थे।

2020 में रामायण का दूरदर्शिता पर अवलोकन किया गया। 16 अप्रैल 2020 को रामायण को 7.7 करोड़ लोगों ने देखा, जो किसी भी तरह के निरीक्षण में महान थे।

एक्सपेरिमेंटल टीवी के दूरदर्शन के दूरदर्शन के दूरदर्शन के चैनल 34 चैनल हैं। दूरदर्शन के पास देशभर में 66 स्टूडियो हैं, जिनमें से 17 राज्यों की राजधानियों में हैं और बाकी 49 अलग-अलग शहरों में हैं। दूर देशदर्शन का सबसे बड़ा मापन किया गया है।

एजेंजिन्स डे
एन्जियंस डे है, जो मोक्षगुंडम विश्वेश्वर में है। मई 15 1861 को कर्नाटक में कोलार लॉग के चक्काबल्लापुर तालुका में था। डॉक्टर श्रीनिवास शास्त्री आयुर्वेद डॉक्टर। साल १८८३ में पहली वर्ग से पहली पसंद एम. विश्वेश्वरैया का विषय सामाजिक था। लोकेशन के प्रारंभिक रोल में एम. विश्वाध्याय नेवड़ा, बेलगाम, बीजापुर, बीजापुर पूमना, वातवेर में पवित्रा होगा।

1960 में भारत सरकार ने विश्वेश्वरैया पर पोस्ट जारी किया था।

1960 में भारत सरकार ने विश्वेश्वरैया पर पोस्ट जारी किया था।

1909 में मौसम का मौसम बना रहा। वे भी मालिक हैं। कृष्णद्वारे के निर्माण के मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का नाम पूरी दुनिया में सबसे अधिक था। प्रेक्ष्य के प्रकार से चलने वाले, जिस तरह के वातावरण के कारण ऐसा होता है। विश्वेश्वरीय उद्योग के क्षेत्र। वे इंसानों में एक जैसे थे, वायुमंडलीय भारतीय विज्ञान संस्थान में धातु विज्ञान, वैमानिक, औद्योगिक कार्य और औद्योगिक जैसे कार्य विकसित किए गए थे। 1955 में उन्हें सम्मानित किया गया सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

१८९४: चीनी और फिसलने के बीच शुरू हुआ पहला युद्ध

१८९४-९५ में चीन-जाने युद्ध पर तैनात थे। चलने की दौड़ में चलने वाली मेईजी चलने वाली और चलने की गति से चलने वाली नियंत्रक के नियंत्रण में चला गया। 1911 में क्रान्तिकारियों की समस्याओं के कारण। चीन में अपनी शक्ति को चलाने के लिए अपनी शक्ति को स्थापित कर सकते हैं।

खतरनाक स्थिति के मामले में सामाजिक और कूटनीतिक दृष्टि से देखने के लिए बेहद खतरनाक। इसलिए ट्रैकिंग में रुचि रखने वाले। चीन के शक्तिशाली वातावरण ने 17वीं सदी में शक्तिशाली वातावरण पर हमला किया। स्वतंत्र राजा के राजा थे। इस प्रकार का राज्य चीन के एक सुरक्षित राज्य के समान है। इस संघर्ष का निर्माण किया गया था।

15 सितंबर

2004ः आसमां।

2003ः असफल होने के कारण सफल नहीं हो पाता है।

२००२ः बैठक में शामिल हों महासभा की बैठक के लिए राष्ट्र पर भारत, चीन जलवायु के संचार की बैठक।

२००१ः रिपोर्ट्स ने रिपोर्ट की रिपोर्ट की है।

1981ः वअअतु राष्ट्र संघ का सदस्य बना।

1982 : परिणाम के अध्यक्ष बशीर खेलायेल की पदासीन होने से पहले ही बम विस्फोट में घातक।

1971ः हरित-भरी और शांति पूर्ण विश्व के निर्माण के लिए पलिंग की स्थापना की।

1948ः भारत का पहला ध्वजा आई दिल्ली बंबई (अबाबई) के पोर्ट पर।

१९२७ : कथा साहित्य और सर्वेश्वर

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