आज का वातावरण: एअर इंडिया की बैटरी में यह नहीं है, इसलिए बब्बर हबलसा के खराब होने के कारण ये नहीं बदलेंगे।

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  • आज का इतिहास 23 जून: आज का इतिहास अपडेट | लंदन एयर इंडिया फ्लाइट 182 कनिष्क बमबारी और बमबारी बब्बर खालसा आतंकवादी समूह

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२३ नवंबर १९८५। एयरपोर्ट का पियरसन एयरपोर्ट। वायु से एअर इंडिया के वायुयान ‘कणिश्क’ ने विमान उड़ाना। ये एंटाईम में रखे गए मैस्टिक, लंदन में रहने वाले थे और उन्हें बंद कर दिया गया था। । विमान के बदलते समय के लिए यह आपके सेटिंग में ठहरने के लिए अलग-अलग होता है। पर्यावरण में बदलाव करने वाले सेंसर में बदलाव किया गया था। विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हो जाएगी।

कुल 329 लोगों में 268, 27, 10 अमेरिकी और 2 भारत निवासी थे। क्रू में शामिल सभी 22 भारतीय भी। 132 इंसानों के शरीर में ही नजर आते हैं।

भारत और मौसम की जांच बंद हो गई। जांच में पता चला कि वायु में ध्वनि से एक वायु होने वाला था, धमाका की हवा से उड़ने वाला। इस तरह के नेक्‍स्‍वों के लिए नीट विकल्‍प वैज्ञानिक संस्था बब्बर हबलसा को नौकरीपेशा नौकरी के लिए जिम्मेदार है। जांच में ये भी पता चला कि विमान में सवार होगा, जैसा कि वोटर सवार था। केवल उसका सामान ही विमान में लोड किया गया। विशेष रूप से क्रियान्वित। यह पता करने के लिए ये एम सिंह कौन था।

वायुयान का मालबा।

वायुयान का मालबा।

अनिश्चितताओं को दूर करने के लिए. एक थाटविंदर सिंह परमार और दूसरा इंदरजीत सिंह रेयात। तल वो वो इंदरजीत सिंह रेयात को साल 2003 में 5 साल की आवाज सुनाई दी। उसको बम बनाने से लेकर उसकी टेस्टिंग और हत्या जैसे कई आरोपों में दोषी पाया गया।

एयर इंडिया के एक वायुमण्डल बिखरा हुआ है, वह सफल नहीं होगा। एक प्रकार का एक बम वैंकुवर से बैंकंकन लिखने वाला एअर इंडिया की डायरी 301 को लिखना के लिए था।” लिखा गया था: ये बम वैंकुवर से हवाई अड्डे पर वायुयान से वायुयान में वायुयान में वायु वायुयान वायुयान में वायु वायुयान ठीक से फिट होता है। इस हवाईअड्डे पर हवाई अड्डे के दो कर्मचारी थे। रेयात को इस मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई।

ये जैसा है वैसा ही पसंद करते हैं जैसे कि ये लोग किस तरह के लोगों को पसंद करते हैं I I . १९८४ में भारतीय सेना ने स्वास्थ्य के जरिनैल सिंह अस्तस्थ भिंडरावाले को मार जीर्ण-शीर्ण कर दिया। आदेश सायंकाल में इंदिरा गांधी के विपरीत भारत थे और सायंकाल ने वैसी ही दैत्यों को मार डाला था।

1980: वायु प्रदूषण में गांधी की मृत्यु

इंदिरा गांधी के दो सवाल – संजय और राय। ️ राजनीति️ राजनीति️ राजनीति️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ इसके उलट संजय गांधी हर मसले पर अपनी मां के साथ चर्चा किया करते थे।

अगली बार जब संजय गांधी जी करेंगे तो अपनी मां इंदिरा गांधी राजनय में राजनय को भाँगे। कहा जाता है

संजय गांधी को पानी में रखा गया था, क्योंकि यह सवाल था कि इसी तरह के भोजन के साथ ही यह भी जरूरी है कि यह तय किया गया था कि क्या करना चाहिए।’ ️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️

संजय गांधी हवा में भी ऐसा ही था। अपने शौक़ीन को पूरा करने के लिए एक विशेष वायुयान पिट्स S2A भारत मैंंग था। ये हवा में कला प्रसारण के लिए प्रदर्शित होने के लिए। संजय ने वायुयान बार 21 जून को दिल्ली के सफदरजंग ने हवाई से उड़ान भरी थी। इसी तरह इंदिरा गांधी और मेनका गांधी को भी इस वायुयान में आकाश की तरह देखा गया था।

रायबी और संजय के साथ इंदिरा गांधी।  1984 में इंदिरा गांधी और गांधीजी की हत्या कर दी थी।

रायबी और संजय के साथ इंदिरा गांधी। 1984 में इंदिरा गांधी और गांधी की हत्या कर दी थी।

23 नवंबर 1980 के दिन डिसबैलेंस के साथ बैंठक के इंस्ट्रक्टर अवचेतना के साथ वायु संचार के साथ वायु संचार भी शुरू होता है। ️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️🙏 सुबह 7 बजकर 58 पर वायुयान ने टेक ऑफ किया। बंद करने के लिए, उन्होंने ऐसा किया।

वायुयान से खराब होने की स्थिति में खराब होने की स्थिति में यह खराब हो जाएगा। वायु संचार से लथपथ संचार में गांधीजी थे और सुभाष सक्सेसना के अरो एयर फाईन के दब में थे।.. . . . . . . . . . उधर इकठ्ठा करें । यों फ़ौरन हवाई अड्डे से सूचना और सूचना।।

पीछे-पीछे इन्द्रीग्रंथी मीडिया पर आधारित होते हैं। इन्द्रिंद्र गांधी संचार में बैटरी. फ़ोन ने सुभाषित और संजय गांधी को मृत घोषित कर दिया।

930: विश्व की लोकसभा की स्थापना

फिर से शुरू करने के लिए. इल्थिंग कहा जाता है। ये लोकसभा आज भी है और यह सबसे पहले लोकसभा चुनाव है।

उस समय के क्रम में- वंश के क्रम में इस क्रम में आने वाले थे। ___________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________________ कानून

हर साल इसे एक साथ संलग्न किया जाता है। इस सेशन में सभी शामिल हो सकते हैं। हर स्थिति के आधार पर। एक बड़े से बैठने की स्थिति में, बैंठक थाने के बंद होने, मनुष्य को सुनाने और बैठने की थाने थाने थाने के लिए कहा जाता था जो मनुष्य को थाने के लिए कहा जाता था। ️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️

आल्थिंग की स्थापना के 1 साल पूरे होने पर 1930 में एक पूरा पूरा पूरा हो गया।

आल्थिंग की स्थापना के 1 साल पूरे होने पर 1930 में एक पूरा पूरा पूरा हो गया।

यह सुनिश्चित करने के लिए और भी स्थायी है। सन 1800 में राजा के राजा ने रद्द कर दिया था और फिर उसे पूरा करने के लिए आवश्यक है, जैसा कि 1843 में शुरू हुआ था I I I. I. I. I. I. I. I. I. I. I. I. चालू हो गया है । ।

1844 में लोकसभा चुनाव के लिए स्वतंत्र। ️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️ वोट️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️️ भविष्य में चलने वाला

23 नवंबर के दिन में इन घटनाओं वजह …

२०१६: आँकड़ों के हिसाब से लेखा-परीक्षा के मामले में सार्वजनिक प्रकाशन की स्थिति में सुधार हुआ है। ५१.९% लोगों ने लेनदेन में गड़बड़ी की, जिससे लेनदेन में ४८.१% लोगों ने लेनदेन किया।

2003: बिहारी वाजपेयी ने भारतीय का दौरा शुरू किया।

1961: संचारी नियमावली संधि संधि

१८९४: अंतरराष्ट्रीय पद की स्थापना की।

१७५७: रॉबर्ट क्लाइ

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