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इंडियन आर्मी ने 62500 बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए टेंडर आउटिंग: अगले 4 महीने में कश्मीर में मजदूरों को लेवल-4 की 15 हजार स्वराज

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4 मिनट पहले

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अभी तक भारतीय सैनिक स्तर 3 बुलेटप्रूफ जैकेट का इस्तेमाल कर रहे थे।  लेवल 4 जैकेट्स एडवांस्ड वर्जन होंगे।  - दैनिक भास्कर
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अभी तक भारतीय सैनिक स्तर 3 बुलेटप्रूफ जैकेट का इस्तेमाल कर रहे थे। लेवल 4 जैकेट्स एडवांस्ड वर्जन होंगे।

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भारत में ट्रस्ट की स्टील कोर बुलेट्स के खतरों के बीच, भारतीय सेना ने अपनी फ्रंट लाइन सील्स के लिए 62,500 बुलेटप्रूफ जैकेट्स का टेंडर जारी कर दिया है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने मेक इन इंडिया के तहत 2 तरह के टेंडर जारी किए हैं।

न्यूज एजेंसी के अनुसार भारतीय सेना से जुड़ें सूत्रों ने बताया है कि नॉर्मल रूट से 47,627 जैकेट्स मंगाए गए हैं, जबकि इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट प्रमाणपत्र के जरिए 15,000 जैकेट दर्ज किए गए हैं। जिन्हें अगले तीन से चार महीने में फाइनल कर दिया जाएगा।

बाकी 47,627 जैकेट्स की खरीद कई स्टैज में होगी। जिनके 18-24 महीने में पूरे होने की उम्मीद है।

सेना की मांग करने वाले आर्मर पियर्सिंग से बचाए जा सकने योग्य बीपीजे
सेना ने बुलेटप्रूफ जैकेट (बीपीजे) के लिए विशेष अधिकार की सूची बनाई है। जिसमें कहा गया है कि यह जैस्केट सैनिक 7.62 मिमी आर्मर-पियर्सिंग राइफल बुलेट के साथ-साथ 10 मीटर की दूरी से स्टील कोर बुलेट से दागने में भी सक्षम नहीं होगा।

ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले कुछ समय से कश्मीर घाटी में निशानियों ने भारतीय सेना के साथ दस में अमेरिकी आर्मर पियर्सिंग (कवच को भेदने योग्य) बुलेट्स का इस्तेमाल किया था, जो सैनिकों की बुलेटप्रूफ जैकेट को डेककर निकल गए थे।

अनिश्चितता को अफगानिस्तान से मिले APBs
अफगानिस्तान से आगे बढ़ते हुए अमेरिकी सेना ने आर्मर पियर्सिंग बुलेट्स (APB) के साथ M-16 असॉल्ट राइफलें और M-4 कार्बाइन बड़ी संख्या में वहीं छोड़ दिए। अमेरिकी सेना के 20 साल बाद अफगानिस्तान में वापसी के बाद यह पट्टी का नियंत्रण में आ गया। यही बुलेट्स आपूर्ति कर दिए गए।

इस्तेमाल में हर जैकेट भारत चीज की हो
दो टेंडर के माध्यम से जैकेट जा रहे हैं लेवल- 4 के होंगे। जिन्हें स्टील कोर बुलेट के खिलाफ असरदार माना जाता है। इन्हें सबसे पहले कश्मीर में आतंकी ऑपरेशनों में जवानों को दिया जाएगा। लेवल 4 जैकेट अभी सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे जैकेट से उन्नत हैं। इन पर किसी भी बुलेट्स का असर नहीं होता है।

हालांकि सैनिकों को देने से पहले सेना यह सुनिश्चित करती है कि सभी जैकेट भारत में बनाए गए हैं और बनाने में उपयोग किए गए सामान किसी भी विरोधी से नहीं लिए गए हैं।

भारतीय सेना को F-INSAS मिला
सीमा पर मौजूद भारतीय सैनिक अब फाइटिंग मशीन में बदलने वाले हैं। सिर पर बैलिस्टिक हेलमेट, आँखों में बैलिस्टिक गॉगल्स, बॉडी पर बुलेट जैकेट, अटैची पैड, घुटने पर नी पैड, पकड़ में पकड़, हाथों में एके-203मैटिक राइफल। 75वें स्वतंत्रता दिवस के अगले दिन रक्षा मंत्री सिंह ने भारतीय सेना को F-INSAS, डेक्सट माइन्स और असॉल्ट लैंडिंग क्राफ्ट जैसे आधुनिक हथियार और उपकरण सुझाये हैं। ये सभी भारत में ही बने हैं।

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