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इससे खर्राटों और बीमारियों का खतरा कम होता है | यह खर्राटों और बीमारियों के जोखिम को कम करता है

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2 मिनट पहले

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अमेरिका में 68% लोग नींद की बीमारी से गुजर रहे हैं। हाल ही में एक प्रयोग में सामने आया कि सोते समय मुंह पर टेप सोने से गहरी नींद आती है, क्योंकि इस दौरान लोग नाक से सांस लेते हैं। इससे राहत मिलती है। वहीं संसर्ग का जोखिम भी कम होने का दावा किया गया है।

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दरअसल, मुंह खोलने से सोने से दुर्गंधयुक्त सांस, कर्कश आवाज और फटने का खतरा होता है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के एन कीअर्नी के प्रयोग के अनुसार यह सामने आया कि नाक से सांस लेने के लिए हवा दिखाई देती है। ये फेफड़े को सक्रिय करता है। इससे गहरी और सांस लेने वाली रोशनी से शरीर को पूरा आराम मिलता है।

नाक से सांस लेना संस्थानों से संपर्क करता है

मुंह पर टेप सोने के फायदे जानने के लिए किए गए अध्ययनों में सामने आया कि 20 में से 13 लोग पहले केके कम खर्राटे आए। 30 लोगों पर किए गए एक और शोध में ‘स्लीप एपनिया’ (सोते समय सांस रुक जाती है और नींद टूट जाती है) बीमारी वालों में मुंह पर टेप पीने से ऐसे लोगों को कम खर्राटे आ गए।

नींद विशेषज्ञ डॉ. मार्री होर्वट का कहना है कि इससे रेत के कारण, एलर्जी और रोग कारक तत्व अंदर नहीं जा सकते और शरीर में संक्रमण बच जाता है। नाक से सांस लेने पर शरीर में नाइट्रिक एसिड नामक गैस बनता है जो रक्तचाप कम करता है और रक्त प्रवाह नियमित रूप से करने में मदद करता है।

नाक से सांस लेने की समस्या हो तो घबराते हुए मुंह पर टेप न लगाएं

फ़ोरिकेटिंग के अनुसार नाक से सांस लेने में मुश्किल होने पर मुंह पर टेप डेबिट नहीं करना चाहिए। साथ ही ऐसे टेप्स का इस्तेमाल किया जाना चाहिए जिन्हें सर्जिकल टेप्स की तरह आसानी से छूट दी जा सकती है। पहले दिन दस मिनट टेप और टाइम देखें। टेप की आदत उसी रात में मुंह पर टेप जमा करने वाले सोएं हो जाती है।

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