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उत्तर में पीएम मोदी का भारतीय साउथ लुक:बोलें- काशी और तमिलनाडु दोनों शिवमय, दोनों शक्तिमय

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वाराणसी16 मिनट पहले

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने बीएचयू कैंपस में काशी-तमिल संगमम् कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके बाद कार्यक्रम को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि काशी के निर्माण और विकास में तमिलनाडु ने बड़ा योगदान दिया है। काशी में बाबा विश्वनाथ हैं, तो तमिलनाडु में भगवान रामेश्वरम का आशीर्वाद है। काशी और तमिलनाडु, दोनों शिवमय हैं, दोनों शक्तिमय हैं। एक स्वयं में काशी है, तो तमिलनाडु में दक्षिण काशी है। ‘काशी-कांची’ के रूप में दोनों की सप्तपुरियों में अपनी अहमियत है।

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यहां बड़ी संख्या में तमिलनाडु के लोग रहते हैं
पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, राजेश्वर शास्त्री, पट्टाभिराम शास्त्री जैसे विद्वानों ने ब्यूरो से लेकर यहां अलग-अलग स्थानों पर अपनी विद्वता से लोगों को नई दिशा दी है। आप काशी भ्रमण करेंगे, तो देखें कि हरिश्चंद्र घाट पर काशी कामिकेश्वर पंचायतन तमिल मंदिर है। केदार घाट पर स्वामी स्वामी मठ है। यहां हनुमान घाट और केदार घाट के आसपास बड़ी संख्या में तमिलनाडु के लोग रहते हैं।

बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड में बने मंच पर मौजूद पीएम मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी।

बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड में बने मंच पर मौजूद पीएम मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी।

काशी-तमिल संदेशम् लिगेसी को रिकॉर्ड करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में सुबह उठ कर सौराष्ट्रे सोमनाथम से लेकर 12 ज्योतिर्लिंग की स्मृति की परंपरा है। हमें आजादी के बाद इस देश की विरासत को मजबूत करना था। लेकिन, दुर्भाग्य से इसके लिए प्रयास नहीं किए गए।

काशी-तमिल संगमम् हमें अपनी विरासत को संरक्षित रखने और सांस्कृतिक एकता को मजबूत बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ये तस्वीर काशी-तमिल संगमम् कार्यक्रम के दौरान है।  यहां बड़ी संख्या में लोग पीएम मोदी की बातें सुनने के लिए पहुंचे थे।

ये तस्वीर काशी-तमिल संगमम् कार्यक्रम के दौरान है। यहां बड़ी संख्या में लोग पीएम मोदी की बातें सुनने के लिए पहुंचे थे।

हर-हर महादेव… वणक्कम काशी से की भाषण की शुरुआत

प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरुआत हर-हर महादेव… वणक्कम काशी…. वणक्कम तमिलनाडु से की। उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने एक ओर पूरे भारत को आप में शामिल किया गया है हमारी अपनी सांस्कृतिक राजधानी काशी है। दूसरी ओर भारत की प्राचीनता का केंद्र बिंदु तमिलनाडु की संस्कृति है।

यह संगम गंगा और याया के संगम के जैसे ही पुण्य है। मैं काशी और तमिलनाडु के सभी लोगों के साथ ही देश के शिक्षा मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार को इस घटना के लिए बधाई देता हूं। इसमें नौकरशाही और शोध संस्थान जैसे शिक्षा संस्थान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

पीएम मोदी ने अपने भाषण में काशी और तमिलनाडु के रिश्ते को लेकर बात की।  कहा कि हमें लिगेसीरेसी को सेंसर मॉनिटरिंग की जरूरत है।

पीएम मोदी ने अपने भाषण में काशी और तमिलनाडु के रिश्ते को लेकर बात की। कहा कि हमें लिगेसीरेसी को सेंसर मॉनिटरिंग की जरूरत है।

भारत की प्राचीनता का केंद्र बिंदु तमिलनाडु की संस्कृति है

मोदी ने कहा कि हमारे देश में नदियों के संगमों से लेकर विचार के संगम तक की बड़ी महिमा और बड़ा महत्व है। हर संदेश को हमने अनादि काल से सेलीब्रेट किया है। काशी-तमिल संगमम् अपने आप में अनोखा है। हमारे यहां ऋषियों ने कहा है कि एक चेतन अलग-अलग रूप में प्रकट होता है। हम इस फिलॉसफी को काशी और तमिलनाडु के संदर्भ में देख सकते हैं। काशी और तमिलनाडु दोनों ही सभ्यता और संस्कृति के केंद्र बिंदु हैं।

दोनों ही विश्व की प्राचीन भाषा संस्कृत और तमिल के केंद्र हैं। काशी और तमिल दोनों ही संगीत, साहित्य और कला के स्रोत हैं। काशी में बनारसी प्रामाणिक होने से कांचीपुरम का डॉक पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।

रामायण और महाभारत में भारतीय दर्शन को समझने का एक अच्छा अवसर मिलता है

प्रधान मंत्री ने कहा कि तमिल ग्रंथों में वाराणसी के लोगों की प्रशंसा की गई है। दक्षिण की काशी कहने वाले तेनकासी की स्थापना की गई। ये अपनत्व ही था कि धर्मपुरम पहलेनम के गुरु काशी आए और इसे अपना केंद्र बनाया। तमिलनाडु के एक महान गुरु ने काशी के मणिकर्णिका घाट पर लंबा जाम लगाया था।

संत रामानुजाचार्य भी हिमालय की यात्रा के दौरान काशी में खुले हुए थे। रामायण और महाभारत द्वारा लिखित चक्रवर्ती राजगोपालाचारी द्वारा लिखित भारतीय दर्शन को समझने का एक अच्छा अवसर मिलता है। इसके बारे में हमारे एक गुरु ने भी बताया था।

बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड पर पीएम मोदी का स्वागत हुआ।

बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड पर पीएम मोदी का स्वागत हुआ।

हमें तमिलों की विरासत को बचाना और समृद्ध करना है

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में किसी भी देश के पास प्राचीन विरासत है तो उन्हें उस पर गर्व है। वह प्राचीन विरासत दुनिया के सामने है। हमारे पास भी दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा तमिल है। आज तक यह भाषा बहुत लोकप्रिय और जीवित है। दुनिया के लोगों को पता चलता है कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषा भारत में है तो वह अचरज में पड़ रहे हैं। मगर, हम उसके गौरव गान में पीछे रह जाते हैं।

ये हम 130 करोड़ देशवासियों की जिम्मेदारी है कि हमें तमिल की विरासत को बचाना है और उन्हें समृद्ध भी करना है। अगर हम तमिल को बांधेंगे तब भी इस देश को नुकसान होगा। अगर हम तमिल को बंधनों में जकड़ें तब भी देश का नुकसान होगा। हमारी जिम्मेदारी है कि हम संबंधों को मजबूत बनाए रखें।

सीएम योगी ने कहा- यह संगमम तमिलनाडु के अतिथि उत्तर और दक्षिण के सांस्कृतिक संबंधों को प्रदान करेंगे।

सीएम योगी ने कहा- यह संगमम तमिलनाडु के अतिथि उत्तर और दक्षिण के सांस्कृतिक संबंधों को प्रदान करेंगे।

तमिल विवाह परंपरा में काशी यात्रा का उल्लेख है

तमिलनाडु के संत तिरुवल्लुवर की पुण्य भूमि है। दोनों ही स्थान विद्युत और ज्ञान केंन्द्र हैं। आज भी तमिल विवाह परंपरा में काशी यात्रा का उल्लेख है। यह तमिलनाडु के बांधों में अविनाशी काशी के प्रति प्रेम है। यही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना है जो प्राचीन काल से अब तक अनवरत कायम है।

शर्ट-लुंगी में एयरपोर्ट पहुंचे थे

पीएम नरेंद्र मोदी वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर साउथ इंडियन लुक में विमान से उतरे। पीएम मोदी शर्ट-लुंगी पहने हुए हैं। गमछा भी हैं। यहां उनका स्वागत वणक्कम काशी और हर हर महादेव के जयघोष से हुआ। इसके बाद वे बीएचयू पहुंचे। यहां उन्होंने बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड में एक महीने तक चलने वाले काशी-तमिल संगमम् का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी ने काशी और तमिलनाडु के संबंध, श्रद्धा और संस्कृति पर आधारित शॉर्ट फिल्म देखी। कार्यक्रम में तमिलनाडु के प्रख्यात संगीतकार इलैयाराजा और उनकी टीम ने शिव गीत पर प्रस्तुति दी। मोदी ने तमिल में लिखी धार्मिक पुस्तक तिरुक्कुरल सहित काशी-तमिल संस्कृति पर बेले का विमोचन किया।

योगी ने वणक्कम, नमस्कारम, हर-हर महादेव से किया स्वागत
सीएम योगी ने अपने मिलने की शुरुआत वणक्कम, नमस्कारम के साथ ही हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ की। उन्होंने कहा कि विश्वेश्वर की पवित्र धारा पर रामेश्वरम की पवित्र धारा से पधारे सभी का स्वागत है। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘काशी तमिल संगम’ का आयोजन उत्तर और दक्षिण भारत के दर्शन, संस्कृति और साहित्य की गौरवशाली विरासत को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना के अनुरूप समृद्ध करेगा।

सीएम योगी ने कहा, “काशी-तममिल संगमम् में तमिलनाडु के 12 अलग-अलग लोग काशी का भ्रमण करेंगे और विषय के साथ बातचीत करेंगे। तमिलनाडु की तेनकासी में भगवान विश्वनाथ का एक प्राचीन मंदिर है। तमिलनाडु में शिवकाशी पवित्र स्थान है। भी है। काशी के धार्मिक महत्व के कारण सदियों से तमिलनाडु के लोग आते हैं। काशी और तमिलनाडु में भारतीय संस्कृत के सभी तत्व समान रूप से संरक्षित हैं। तमिल भाषा का साहित्य अत्यंत प्राचीन है। यह मान्यता है कि भगवान शिव के मुंह इससे जो दो भाषाएं निकलीं वे तमिल और संस्कृत थीं। तमिल संगमम् की घटना से तमिलनाडु के अतिथि उत्तर और दक्षिण के सांस्कृतिक संबंधों को उजागर करेंगे।”

मुमताज अली और संदीप आलम के अंगवस्त्र से स्वागत किया

पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी ने अंगवस्त्र से किया।

पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी ने अंगवस्त्र से किया।

प्रधानमंत्री वाराणसी इंटरनेशल एयरपोर्ट से सेना के हेलीकॉप्टर से बीएचयू पहुंचे। उनका स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और योगी आदित्यनाथ ने किया। लल्लापुरा के मुमताज अली और संदीप आलम द्वारा जरदोजी पर तैयार किए गए अंगवस्त्र से पीएम का स्वागत किया। इस दौरान पीएम को सीएम योगी ने गुलाबी मीनाकारी से तैयार मोमेंटो खाते की। यह मोमेंटो स्टेट अवार्ड प्राप्त अमरनाथ वर्मा और विशाल वर्मा ने तैयार किया है।

बीएचयू में 75 स्टॉल पर गए
16 दिसंबर तक आयोजित होने वाले काशी-तमिल संगमम् के लिए बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड में 75 स्टॉल लगाए गए हैं। यह स्टॉल कृषि, संस्कृति, साहित्य, संगीत, निर्णय, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट, लोक कला के माध्यम से दक्षिण और उत्तर भारत के बीच सेतु का काम करेगा। इन उत्पादों में तमिलनाडु के जीआई और ओडीओपी उत्पाद भी शामिल हैं। इसे पीएम मोदी देखें।

पीएम मोदी के कार्यक्रम से जुड़ी कुछ तस्वीरें…

तमिलनाडु के संगीतकार इलैयाराजा और उनकी टीम शिव गीत पर प्रस्तुतिकरण देते हैं।

तमिलनाडु के संगीतकार इलैयाराजा और उनकी टीम शिव गीत पर प्रस्तुतिकरण देते हैं।

तमिलनाडु से आए कलाकारों का दिखावा काशी के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

तमिलनाडु से आए कलाकारों का दिखावा काशी के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड में पीएम मोदी को सुनने के लिए लोग पहुंचे।

बीएचयू के एंफीथिएटर ग्राउंड में पीएम मोदी को सुनने के लिए लोग पहुंचे।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्राइम ने काशी-तमिल संगमम् का मोमेंटो देकर पीएम मोदी का स्वागत किया।

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्राइम ने काशी-तमिल संगमम् का मोमेंटो देकर पीएम मोदी का स्वागत किया।

काशी-तमिल संगमम् का उद्घाटन पीएम मोदी ने अधीनस्थ का पद संभाला।

काशी-तमिल संगमम् का उद्घाटन पीएम मोदी ने अधीनस्थ का पद संभाला।

के. वेंकट रमना घनपति बने विश्वनाथ मंदिर के पहले ट्रस्टी
के. वेंकट रमना घनापति काशी विश्वनाथ मंदिर के पहले तमिल ट्रस्टी बने। वह तमिल मूल के पहले व्यक्ति हैं जिनमें उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पर ट्रस्ट का ट्रस्ट बनाया है। के. वेंकट रमना घजनपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया है। यहां आए तमिलनाडु के लोग भी काफी खुश हैं, यह गंगा-कावेरी का संगम है। इससे काशी और तमिलनाडु का ज्ञान, व्यापार, संस्कृति का रहस्य-भ्रम होगा।

के.  वेंकट रमना घनापति तमिल मूल के पहले व्यक्ति हैं जिन पर यूपी सरकार ने ट्रस्टी बनाया है।

के. वेंकट रमना घनापति तमिल मूल के पहले व्यक्ति हैं जिन पर यूपी सरकार ने ट्रस्टी बनाया है।

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एक महीने काशी-तमिल संगमम

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वाराणसी में काशी-तमिल संगमम शुरू किया जा रहा है। दो दिन तक काशी में तमिल गीत-संगीत के कार्यक्रम होंगे। खुद पीएम मोदी 19 नवंबर को काशी में मौजूद रहेंगे। इस घटना के लिए 13 ट्रेन से 2592 डेलीगेट्स को तमिलनाडु से काशी बुलाया गया है। साथ में तमिलनाडु के 10 हजार लोग काशी आ रहे हैं। कह सकते हैं कि अगले 30 दिन काशी की ज़मीन पर दक्षिण भारत के रंग बिरंगे वाले हैं। (यहां पढ़ें पूरी खबर)

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