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चीन की सीमा और सुरक्षित होगी:जैसी सीमा पर 40 हजार करोड़ रुपए की लागत से फ्रंटियर हाईवे बनेगा

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नई दिल्ली3 मिनट पहलेलेखक: मुकेश कौशिक

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सेंटर सरकार चीन के मंसूबों को स्थायी रूप से काउंटर करने के लिए 40 हजार करोड़ रुपए की लागत से फ्रंटियर हाईवे बना रही है। करीब 2 हजार किलोमीटर का विस्तार यह हाईवे अरुणाचल प्रदेश की लाइफ लाइन और चीन के सामने भारत की अनुमानित ग्राउंड पोजीशन लाइन भी साबित होगा। सामरिक महत्व की बात करें तो यह भारत-तिब्बत के बीच खींची गई सीमा रेखा मैकमोहन लाइन से होकर गुजरेगा।

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अंग्रेजों के विदेश सचिव हेनरी मैकमोहन ने इसे सीमा के तौर पर पेश किया था और भारत इसे ही मूल सीमाएं रेखांकित करता है जबकि चीन इसे खारिज कर रहा है। इस हाईवे का निर्माण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और राष्ट्रीय राजमार्ग निगरानी मिलकर करेंगे। इंजन लॉजिस्टिक्स सपोर्ट करेगा। फ्रंटियर हाईवे तवांग के बाद ईस्ट कामेंग, वेस्ट सियांग, देसाली, दोंग और हवाई के बाद म्यांमार तक जाएगा।

ये होगा फायदा

  • ही चीन नहीं, म्यांमार की सीमा भी सुरक्षित रहेगी।
  • सीमा क्षेत्र से बचने में मदद मिलेगी।
  • हाईवे के अन्य दृश्य वीभत्स गांव विकसित होने से उन भुतहा पर कई निगाहें रखी जा रही हैं, जिनमें चीन बस रहा है।

मैकमोहन लाइन से गुजरेगा, बीआरओ-अथॉरिटी तय करेगा
अरुणाचल मे दो नेशनल हाईवे पहले से है- ट्रांस अरुणाचल हाईवे और ईस्ट-वेस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर। इस तीसरे राजमार्ग के साथ राज्य के सभी कॉरिडोर आपस में मिल जाएंगे। इससे दूर के संपर्क तक सड़क की कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

अरुणाचल को जोड़ेगा
यह हाईवे अरुणाचल के सभी अहम स्थानों को कनेक्ट करेगा। इसमें तवांग के मागो-थिंग्बू को विजयनगर से होते हुए ऊपरी सुबनसिरी, दिबांग घाटी, छागलागाम और किबिथू के बीच राजमार्ग मार्ग दिया जाएगा।

भारत ने पैंगोंग झील में नए लैंडिंग शिप और स्पीडबोट्स का संचालन किया
सेना ने पूर्वी संदेश में पैंगोंग त्सो झील पर गश्त के लिए नए लैंडिंग शिप और स्पीड बोट को सक्रिय किया है। इससे 14 हजार फीट की ऊंचाई पर चीन की सीमा से लगी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर स्थित झील में भारतीय सेना की निगरानी और गश्ती बल बढ़ गया है।

इस क्षेत्र में चीन की सेना PLA की फिर से लेकर जवाब की तैयारी कर रही है। 2020 में इस क्षेत्र में चीनी सेना की गतिविधियां बढ़ने के बाद भारत ने यहां अपनी सेना की क्षमता बढ़ाने और शेयरिंग के विकास का हिस्सा बनाया।

नए लैंडिंग क्राफ्ट को पाकिस्तान के सामने गुजरात के सर क्रीक में भी रखा गया है। लैंडिंग क्राफ्ट 35 सैनिक या एक जीपी और 12 कर्मियों को ले जा सकता है, जबकि स्पीड बोट 35 समुद्री मील (65 किमी) प्रति घंटे की गति से चल सकते हैं। 2021 की शुरुआत में सेना ने लैंडिंग शिप और स्पीड बोट्स के लिए दो करार किए थे। 2021 की दूसरी झलक में इन्हें सेना सौंपी गई थी।

जी20 की बैठक पूर्व में भी होंगी, पर्यटकों को भी बढ़ावा मिलेगा
भारत जी20 की कुछ बैठकें भूतिया इलाकों में भी होंगी ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले। मिजोरम की राजधानी आइजोल में भी एक बैठक होगी। आइजोल में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट 2022 के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री जी किशन ब्रांड ने कहा कि सरकार भूतिया क्षेत्र के लिए एक कार्यबल प्रवेश करने का निर्णय लिया है।

भूतिया इलाकों में राजमार्गों के किनारे 100 व्यू प्वाइंट बनाएंगे। मिजोरम में नौ व्यू पॉइंट बनाने के साथ इसकी शुरुआत होगी।

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