HomeIndia Newsछावला गैंगरेप मामले में दिल्ली सरकार ने याचिका दायर की है: सुप्रीम...

छावला गैंगरेप मामले में दिल्ली सरकार ने याचिका दायर की है: सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देगी एलजी की मंजूरी

Date:

Related stories

दिल्ली में फिर हवा खराब: ज़्यादातर ज़ोन का AQI 300 के पार; ठंड भी दी

नई दिल्ली4 मिनट पहलेकॉपी लिंकदिल्ली में ठंड बढ़ने के...

नई दिल्ली7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
- Advertisement -
- Advertisement -

दिल्ली सरकार छावला गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पूर्णविचार याचिका दायर की। समीक्षा याचिका दाखिल करने के लिए एलजी विनय कुमार सक्सेना ने मंजूरी दे दी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मामले में सरकार का पक्ष लेती हैं।

- Advertisement -

दरअसल 2012 में हुए छावला गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर को 3 दोषियों को भारी कर दिया था, जबकि हाईकोर्ट और मुकदमों में मुकदमा चलाने की सजा सुनाई गई थी। पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 साल की लड़की से गैंगरेप के मामले में फांसी की सजा सुनाते हुए दोषियों के लिए बेहद तल्ख टिप्पणी की थी। हाई कोर्ट ने कहा था- ये वो हिंसक जानवर हैं, जो खेलते हुए शिकार ढूंढते हैं।

इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पलट दिया था। कोर्ट ने कहा था कि कानून अदालतों को किसी भी दायरे में केवल भावनाओं और संदेह के आधार पर सजा देने की अनुमति नहीं देता है।

माता-पिता पुलिस से जोखिम की जिम्मेदारी लेते हैं
दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि एलजी ने तीन कंपनियों को एक साथ चुनने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने बताया कि फँसाने के बाद कई लोगों के माता-पिता को डर है कि कहीं उन्हें कोई नुकसान न हो। इसलिए वे पुलिस से सुरक्षा की गारंटी लेते हैं।

चयन के बहुत अधिक होने पर कई महिला अधिकार धारकों ने इस निर्णय के विरुद्ध विरोध जताया है। उनका कहना है कि इस फैसले से चयनीत हौसला बढ़ता है।

छावला गैंगरेप का पूरा मामला जानने के लिए ये खबर भी पढ़ सकते हैं…

सर्वोच्च न्यायालय ने तीनों दोषियों को बरबाद कर दिया था

2012 में दिल्ली के छावला में हुए गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चौंकाने वाला फैसला दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगरेप के 3 दोषियों को भारी कर दिया था, जबकि उच्च न्यायालय और न्यायिक अदालतों ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी। पढ़ें पूरी खबर…

रेप केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं…

बिलकिस बानो केस, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- गुजरात सरकार की दलीलें भारी-भरकम

2002 के बिलकिस बानो बलात्कार के मामले में अदालत को रिहा करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इशारों-इशारों में गुजरात सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किए।

जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सीटी रवि की बेंच ने कहा- इस मामले में गुजरात सरकार की दलीलें तो बहुत भारी-भरकम हैं, लेकिन ये फैक्ट्स की कमी है। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि गुजरात सरकार की तरफ पैर हलफनामे में कई पुराने दस्तावेजों की नजीर पेश की गई है, लेकिन ये तथ्य साबित करने वाली बातें नहीं हैं। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…

Source link

- Advertisement -

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here