जन्म-मृत्यु के अनुमान और अनुमान के आधार पर अनुमान लगाया जाता है।

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  • टीके से पता चलेगी जनसंख्या, 2031 तक टाली जाएगी जनगणना, जन्म मृत्यु डेटा और वोटर आईडी को आधार से जोड़ने से होगा आबादी का अनुमान

नई दिल्ली2 पहलेलेखक: मुशिक कौशिक

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ऐसे में 12,695 करोड़ रु।  बच जाएगा।  संतुलन  - दैनिक भास्कर

ऐसे में 12,695 करोड़ रु। बच जाएगा। अपना बजट संतुलित।

इकठ्ठा होने से पहले ही 2031 तक काम करने की स्थिति में आ जाएगा। इस बारे में सूचना देने के लिए 84.67 करोड़ (18+) की सूचना मिल रही है। अब 15 से 18 वर्ष के प्रभाव का प्रसारण शुरू हो रहा है।

आँकड़ों की स्थिति की स्थिति की सूचना प्राप्त करें। इस प्रकार का कोई खास असर नहीं होगा। केंद्र सरकार ने फैसला किया है 30 जून 2022 तक। सबसे बड़ा चमत्कार है। 31 तारीख 2020.

जूरी डिक्शनरी रेफ़्रिजरेटर का कार्य निष्पादन शुरू करने से पहले। भविष्य में भी, उसे ब्लॉक करें या बदल सकते हैं। . इस तरह के कार्य का समय चक्रांक 2027 से शुरू हुआ होगा I

अहम बात यह है कि ये आंकडे 2031 तक. सिर्फ सूत्रों की मानें तो टीकाकरण के अलावा डेटा इंटीग्रेशन से भी जनसंख्या के सही-सही आंकड़े सरकार को मिल रहे हैं। जन्म-मृत्यु पंजीकरण को सुधारा गया और ठीक किया गया।

उदीयमान पहचान को आधार से जोड़ने का चित्र भी प्रदर्शित होगा। ऐसे में 12,695 करोड़ रु। बच जाएगा। संतुलन गृह मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति में शामिल विपक्षी सदस्यों ने एनपीआर और एनआरसी का मुद्दा उठाते हुए यह सलाह दी थी कि जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट करने का काम आधार से मिले डेटा से किया जा सकता है। सियासी झगड़ा भी कम होता है।

प्‍लैंक ठहराव के तर्क में

  • जनसंख्या पोस्टिंग का प्रकाशन के बाद देश की डेटाबेस की स्थिति- त्रुटि प्रकाशित हो चुकी है।.
  • 2026 में संक्रमण का संक्रमण है। यह परिसीमन 2021 की आधार पर आधारित है। अक्टूबर 2022-23 में इसका परिणाम 2027 तक दिखाई देगा। ऐसे में यह परिसीमन भी संभव है।
  • 30 लाख कर्मचारी कार्मिक। कला स्कूल। कोविड से परीक्षा का पराभव हुआ है। यह ठीक ठीक नहीं होगा।
  • 2024 में चुनाव लड़ने वाले हैं। 2022 में 7 और 2023 में 9 चुनाव में निर्वाचन हो रहे हैं। कर्मचारी भी कार्मिक। ये समस्या एक साथ कठिन है। इस तरह से उड़ने वाले विचार इस तरह से चल रहे हैं।

इस प्रकार 2031 में है, इसलिए 12,695 करोड़ रु। सहेजे जा सकते हैं, जो भी अपडेट किए जा सकते हैं। 3 साल लेट लेट से खर्च बढ़ रहा है।

सियासी छानबीन

️आरसी️आरसी️आरसी️️️️️️
एन पर्यावरण की उपस्थिति में गड़बड़ी आ गई है। ऐसे में सरकार फिर से खराब नहीं होगी। तो हालांकि, भाजपा के एजेंडे में एनसीआर और एनपीआर आगे भी बना रहेगा, क्योंकि इससे उसकी सियासी लकीर स्पष्ट होती है।

बड़ी आशा

मौसम का समय तय करने के लिए

  • 2022-23: चार्ज/संशोधित करने के लिए मोबाइल एप्स और कार्य के परीक्षण।
  • 2023-24: 2021 के पहले चरण का कार्य कार्य, घर/सं का क्रियाकलाप।
  • 2024-25 चरण: नागरिक को गिनने का शुरू होगा।
  • 2025-26: प्रोविजुल लागू होगा। फिल्म की संभावना की संभावना है।
  • 2026-27: की 250 से अधिक वृद्धि दर जारी।

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