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तेहरान मेट्रो स्टेशन पर शूटिंग की, हिजाब नहीं पहनी महिलाओं को कैमरा | ईरान हिजाब विरोध; तेहरान मेट्रो स्टेशन पुलिस फायरिंग और हमला वीडियो | तेहरान समाचार

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तेहरान4 मिनट पहले

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ईरान में हिजाब का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सुरक्षा बल तेहरान के मैट्रो स्टेशन पर मौजूद लोग गोलियां चलाते हुए नजर आ रहे हैं। न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, स्टेशन पर मौजूद लोगों में ऐसी महिलाएं भी शामिल हैं जिन्होंने हिजाब नहीं पहना है।

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वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मैट्रो स्टेशन पर भीड़ पर कहीं रिकॉर्डिंग शुरू हो गई है। जिसके बाद वहां भगदड़ का माहौल बन जाता है। लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगते हैं। वहीं, एक दूसरे वेरिफाइड वीडियो में दावा किया गया है कि पुलिस ने हिजाब पहने बिना मार-पीट वाली महिलाओं को बिना वर्दी वाले रेत के कपड़ों में पेश किया है। उन पर गोलियाँ भी पहुंच गई हैं।

कार्यस्थल के बाद भगदड़ मच गया।  इसमें कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।  कई लोगों के घायल होने की खबर है।

कार्यस्थल के बाद भगदड़ मच गया। इसमें कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। कई लोगों के घायल होने की खबर है।

2 महीने से जारी हिजाब विरोधी प्रदर्शन
ईरान में 22 साल से हो रहे विवाद महसा अमिनी की मौत के बाद से प्रदर्शन हो रहे हैं। महसा की पुलिस ने 13 सितंबर को हिजाब नहीं पहना था। 16 सितंबर को पुलिस कस्टडी में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद लोग तैरने पर उतरे और हिजाब के डेटेटरी होने का विरोध किया। एक्टिविस्ट्स का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों में अब तक 344 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें कई यंगस्टर्स भी शामिल हैं। करीब 15,820 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

हिजाब की वजह से मारी महिलाएं क्यों जाती हैं
प्रदर्शन करने वाली महिलाओं की मांग है कि हिजाब को वैकल्पिक स्थान दिया जाए। उनका कहना है कि हिजाब की वजह से वे मारी क्यों जाते हैं। पढ़ें पूरी खबर…

अब तख्तापलट की आशंकाएं
तख्तापलट की अशंका तेज हो गई है। ऐसे में ईरानी सेना रेवल्युशनरी गार्ड्स के टॉप कमांडरों ने अपना सबब केंट के दायरे से सेफ हाउस में भेज दिया है। तेहरान में एक ऑयल कंपनी के गेस्ट हाउस में चौबीसों घंटे सुरक्षा जोखिम हो रहा है। सूत्रों के अनुसार इन सबकी गारंटी है कि प्रदर्शन जारी रहता है या तख्तापलट होता है तो इन्हें सुरक्षित रूप से पड़ोसी देश जॉर्जिया भेज दिया जाएगा।

हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन से जुड़े कुछ अहम फोटो देखें…

हिजाब धारण की अनिवार्यता 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद लागू हुई
ईरान में वैसे तो हिजाब को 1979 में डेटरी किया गया था, लेकिन 15 अगस्त को राष्ट्रपति इब्राहिम आरईसी ने एक आदेश पर हस्ताक्षर किए और इसे ड्रेस कोड के तौर पर सख्ती से लागू करने का कहा। 1979 से पहले शाह पहलवी के शासन में महिलाओं के कपड़ों के मामले में ईरान काफी आसान था।

  • 8 जनवरी 1936 को रजा शाह ने कश्फ-ए-हिजाब लागू किया। यानी अगर कोई महिला हिजाब पहनेगी तो पुलिस उसे देगी।
  • 1941 में शाह रजा के बेटे मोहम्मद रजा ने शासन संभाला और कश्फ-ए-हिजाब पर रोक लगा दी। उन्होंने महिलाओं को अपनी पसंद की ड्रेस पहनने की इजाजत दे दी।
  • 1963 में मोहम्मद रज़ा शाह ने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया और संसद के लिए महिलाओं ने भी याचिका दायर की।
  • 1967 में ईरान के पर्सनल लॉ में भी सुधार किया गया जिसमें महिलाओं को समान अधिकार मिले।
  • लड़कियों की शादी की उम्र 13 से बढ़ाकर 18 साल कर दी गई। साथ ही अबॉर्शन को कानूनी अधिकार दिया गया।
  • पढ़ाई में लड़कियों की भागीदारी पर जोर दिया। 1970 के दशक तक ईरान के विश्वविद्यालय में लड़कियों का कनेक्शन 30% था।

1979 में शाह रजा पहलवी को छोड़ दिया गया और ईरान इस्लामिक गणराज्य बन गया। शियाओं के धार्मिक नेता आयोतोल्लाह रुहोल्लाह खोमेनी को ईरान का सर्वोच्च नेता बनाया गया। ईरान से दुनिया में शिया इस्लाम का गढ़ बन गया। खोमेनी को महिलाओं के अधिकार काफी कम दिए गए हैं।

ईरान में हिंसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

ईरान में पहली बार हिजाब विरोधी प्रदर्शनों को अंजाम दिया जाएगा

ईरान में 16 सितंबर को शुरू हुआ हिजाब विरोधी प्रदर्शन अब भी जारी है। इस बीच मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि पहली बार प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति को फांसी की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा 5 लोगों को 10 साल की सजा सुनाई गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

हिजाब के विरोध पर नाक कटी, 17 साल की निका का शव कटी हुई नाक और सिर पर 29 घाव के साथ मिला

17 साल की अगुआई में रहने वाले विरोध प्रदर्शन की निका शकरामी की भी हत्या कर दी गई। पुलिस ने उनके परिवार को फोन करके शव डाला। निका की नाक काट दी गई थी और सिर पर 29 घाव थे। दूसरी तरफ, सरकार ने एक बार फिर फोकस की धमकी दी है कि अगर उन्होंने विरोध नहीं किया तो इसका प्रभाव छालेने लगेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

हिजाब के खिलाफ घूमते हुए ईरानी महिलाएं, इस्लामिक कानून के विरोध में सार्वजनिक तौर पर परदा हटा दें

ईरान उन देशों में से एक है जहां महिलाओं के लिए इस्लामिक हिजाब पहनना अनिवार्य है। ईरानी महिलाओं ने हिजाब विरोधी अभियान चलाया और बिना हिजाब के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। ऐसा करके महिलाओं ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सख्त हिजाब को तोड़ा। इसके लिए सोशल मीडिया पर No2Hijab टैग भी चला।​​​​​​ पढ़ें पूरी खबर…

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