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पायलट-गहलोत में फिर दिखा टकराव: राहुल की यात्रा की तैयारियों में हुई दूर-दूर बैठे, सचिन पहले निकल गए

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रायपुर6 मिनट पहले

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भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में तीन दिसंबर को एंट्री करने वाली और राज्यों के लिए 6 नंबर से निकलेगी।

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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट के बीच की तल्खी बुधवार को एक बार फिर जाहिर हुई। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान में आने वाली है। इसकी तैयारियों को लेकर बुलाई गई मीटिंग में गहलोत और पायलट दूर-दूर बैठे दिखे। दोनों नेताओं ने आपस में बात भी नहीं की। वहां से पहले ही सचिन पायलट तो खत्म होने से चला गया। राजस्थान में 25 सितंबर को सियासी बवाल के बाद पहली बार दोनों नेता किसी कार्यक्रम में एक साथ पहुंचे।

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दरअसल, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 3 दिसंबर को राजस्थान में होगी। राहुल यहां 17 दिन तक रहेंगे और यहां से हरियाणा आएंगे। यात्रा की राजस्थान में तैयारियों को लेकर समन्वय समिति की पहली बैठक कांग्रेस वॉर रूम में हुई। इसमें समिति के 33 सदस्य शामिल हैं।

पहले तय किया था, दूर-दूर बैठेंगे
कांग्रेस की बैठक में गहलोत और पायलट की कुरसी दूर-दूर थीं। पायलट हरीश चौधरी के बगल में बैठे। वहीं, अशोक गहलोत के एक ओर जितेंद्र सिंह और दूसरे प्रदेश ग्रेड गोविंद सिंह डोटासरा बैठे थे। करीब 12 बजे शुरू होने में अशोक गहलोत देरी से पहुंचे और सचिन पायलट टाइप खत्म होने से करीब आधे घंटे पहले निकल गए।

जयपुर के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जालसाजी के दौरान दोनों बड़े नेताओं को लेकर चर्चा का माहौल था।  करीब दो महीने बाद पायलट-गहलोत किसी पार्टी के साथ गलत थे।

जयपुर के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जालसाजी के दौरान दोनों बड़े नेताओं को लेकर चर्चा का माहौल था। करीब दो महीने बाद पायलट-गहलोत किसी पार्टी के साथ गलत थे।

भारत जोड़ो यात्रा के रूट की जायजा लेगी समिति
भारत जोड़ो यात्रा में बुधवार को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में है। बैठक में तय किया गया कि समन्वय समिति के सदस्य 25 नवंबर को राजस्थान में मध्य प्रदेश की सीमाओं को लेकर हरियाणा सीमाओं के 527 किलोमीटर रूट का जायजा लेंगे।

भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियों के लिए कांग्रेस की समन्वय समिति की पहली बैठक हो रही है।  इसमें अशोक गहलोत के साथ कमेटी के 33 मेंबर पहुंचे।

भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियों के लिए कांग्रेस की समन्वय समिति की पहली बैठक हो रही है। इसमें अशोक गहलोत के साथ कमेटी के 33 मेंबर पहुंचे।

विजय बंसाला को पायलट का जवाब
गुर्जर नेता विजय बैसला की धमकी और गुर्जर सीएम से जुड़े सवालों पर सचिन पायलट ने कहा और कांग्रेस पार्टी जब 21 सीट पर सिमट गई थी, हमें उस समय सबका सहयोग मिला। हमें बहुसंख्यक सब कुछ के सहयोग से मिला। उस बहुमत पर हम पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

​भाजपा की नीति तोड़ने की है, यात्रा का मकसद जोड़ना है। राहुल गांधी की यात्रा से भाजपा के लोग जुड़े हुए हैं। वह यात्रा में बाधा डालना चाहते हैं। यह कोई राजनीतिक यात्रा नहीं है, इसके माध्यम से राहुल गांधी लोग की बात सुन रहे हैं। राजस्थान में भी यात्रा सफल होगी।

परफेक्ट होने से पहले सचिन पायलट टूर कमेटी के दूसरे सदस्यों से बातचीत करते दिखेंगे।  पायलट खत्म होने से पहले ही निकल गए थे।

परफेक्ट होने से पहले सचिन पायलट टूर कमेटी के दूसरे सदस्यों से बातचीत करते दिखेंगे। पायलट खत्म होने से पहले ही निकल गए थे।

अजय माकन नाराज होकर इत्तला दे दी, नहीं पहुंचे
भारत जोड़ो यात्रा की समन्वय समिति में प्रदेश प्रभारी अजय माकन मेंबर हैं, लेकिन वह इस्तीफा दिए हैं, ऐसे में बैठक में शामिल नहीं हुए। माकन ने 8 नवंबर को ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी भेजकर राजस्थान प्रभार के पद से इस्तीफा दे दिया था। माकन की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने राजस्थान को लेकर कोई बैठक या फैसला भी नहीं किया है।

इस वजह से नाराज़ हैं माकन
माकन ने 25 सितंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक का बहिष्करण करने के मामले में जिम्मेदार ठहराए गए तीन नेताओं शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर लगातार जताते हुए इस्तीफा दिया।

माकन ने खड़गे को चिट्ठी में लिखा इस बात पर नाराजगी जताते हुए पोस्ट लिकेज की पेशकश की थी। 25 सितंबर को विधायक दल की बैठक के लिए खड़गे और माकन पर्यवेक्षक थे, दोनों की रिपोर्ट के आधार पर ही तीनों नेताओं को नोटिस जारी किए गए थे।

6 अज्ञात में 521 किलोमीटर का होगा राहुल की यात्रा का रूट
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान की छह से टूटी हुई। यह यात्रा झालवाड़ जिले से मध्य प्रदेश में राजस्थान में कारोबार करती है। झालावाड़, कोटा, शेयरी, सवाईमाधोपुर, दौसा, अलवर जिले से उड़ीगी। ये छह जालियों में 521 किलोमीटर का सफर तय करती हैं। करीब 3 दिसंबर की यात्रा राजस्थान में होगी, 17 दिन तक राहुल की यात्रा राजस्थान में रहेगी।

जिला स्तर पर भी यात्रा के लिए तैयार किए गए विषय
राज्य स्तर पर समन्वय समिति के अलावा जिला स्तर पर यात्रा के लिए कॉर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। जिले की समिति में प्रभार मंत्री, संगठन के जिला और संभाग प्रभार, जिले के सांसद उम्मीदवार, विधायक और विधायक उम्मीदवार और बोर्ड निगमों के अध्यक्ष समिति के सदस्य बनाए गए हैं।

3 दिसंबर की यात्रा राजस्थान में होगी, 17 दिन तक राहुल की यात्रा राजस्थान में रहेगी।

3 दिसंबर की यात्रा राजस्थान में होगी, 17 दिन तक राहुल की यात्रा राजस्थान में रहेगी।

बैठक के बाद पायलट आज यात्रा में शामिल होने बुरहानपुर जाएंगे
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राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा आज से मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही है। राहुल की यात्रा से महाराष्ट्र का सफर खत्म, बुरहानपुर से मध्य प्रदेश में होंगे दाखिले। बुरहानपुर से यात्रा में असली गांधी शामिल होंगे। यूनीक गांधी का चार दिन तक की यात्रा में रहने का कार्यक्रम है। कांग्रेस वॉर रूम में मीटिंग के बाद सचिन पायलट राहुल की यात्रा में शामिल होने बुरहानपुर जाएंगे। पायलट राहुल गांधी और पिक्चर गांधी से राजस्थान के सियासी मामले को लेकर चर्चा करेंगे।

सरदार शहर उपचुनाव से ज्यादा फोर्स राहुल की यात्रा पर
कांग्रेस ने राहुल गांधी की यात्रा की तैयारियों पर पूरी ताकत लगा दी है, पार्टी का फोकस स्टारर सिटी (चूरू) के उपचुनाव से ज्यादा दौरे पर है। सरदार सिटी सीट पर उपचुनाव के लिए 5 दिसंबर को वोटिंग है, जिस दिन वोटिंग होती है, उस समय राहुल की राजस्थान में यात्रा होगी।

कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा के निधन से खाली सीट पर कांग्रेस ने अपने बेटे अनिल शर्मा को टिकट दे दिया है। कांग्रेस को यहां सहानुभूति लहर की पूरी गारंटी है, इसलिए बड़े नेताओं की जगह स्थानीय नेता ही उपचुनावों में लगे हैं। अब तक उपचुनावों में कांग्रेस के बड़े नेता मैदान में उतर रहे हैं, लेकिन इस बार राहुल का दौरा पहला फोकस रहा है।

राजस्थान कांग्रेस में सियासी रचनात्मक बदलने की संभावना
राहुल गांधी की राजस्थान की यात्रा से ऐसी नैरेटिव संभावना की संभावना है। कांग्रेस की सामान्य बारीकियों को लेकर भी इमेज क्लियर होगी। खिलाफत बवाल के जिम्मेदार नेताओं के एक्शन होने या न होने से गहलोत-पायलट कैंप पर काफी असर पड़ेगा। पायलट कैंप के छोटे आकार के बारे में भी तस्वीर साफ हो जाएगी। राहुल की यात्रा तक अगर फैसला नहीं हुआ तो फिर मामला पूरा खिंच सकता है।

33 नेताओं की राज्य स्तरीय समन्वयक समिति संभालेगी यात्रा का काम
राजस्थान में राहुल की यात्रा का संचालन करने के लिए 33 नेताओं की राज्य स्तरीय कॉर्डिनेटर समिति बनाई गई है। इस कमेटी में प्रभारी सचिव अजय माकन, सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश ग्रेड गोविंद सिंह डोटासरा, भंवर जितेंद्र सिंह, सचिन पायलट, जुबेर खान, रघुवीर मीणा, हरीश चौधरी, रघु शर्मा, धीरज गुर्जर, कुलदीप नरेंद्र सिंह, गिरिजा व्यास, नारायण सिंह, बीडी कल्ला ,चंद्रभान, रामेश्वर डूडी, मंत्री हेमाराम चौधरी, रामलाल जाट, प्रताप सिंह खाचरियावास, भजनलाल जाटव, विशेष जीत मालवीय, ममता भूपेश, प्रमोद जैन भाया, लालचंद कटारिया, परसादीलाल मीणा, दूसरे चौधरी, आरसी चौधरी, मुमताज मसीह और ललित तुनवाल शामिल हैं। ।

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कांग्रेस नेता सुचारु आर्य बोलीं-सचिन पायलट को सीएम बनाएं: कहा- सीएम नहीं बनाए तो पार्टी का बंटवारा होगा, अति हो गई है

कांग्रेस में बागियों के खिलाफ कार्रवाई और नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर एक बार फिर से कंजेशनबाजी शुरू हो गई है। वन मंत्री हेमाराम चौधरी के बाद अब स्टेट एग्रीकल्चर इंडस्ट्री बोर्ड के उपाध्यक्ष सुचारु आर्य ने पायलट को सीएम बनाने की मांग को लेकर देरी पर सवाल उठाए हैं। सुचारु आर्य ने कहा- सचिन पायलट को अब भाग लेना चाहिए, अति हो गया है। पायलट को सीएम नहीं बनाया जाएगा तो पार्टी का बंटवारा हो जाएगा। सुचारु आर्य रायपुर में पंत किसान भवन में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। (पूरी खबर पढ़ें)

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