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पूजा कर रहे 30 लोगों को ट्रक ने कुचला: 8 की मौत; चश्मदीद बोला- अगर पेड़ नहीं होता तो 50 लोग मरते

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पटना/वैशाली23 मिनट पहले

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हादसा रविवार रात करीब 9 बजे सुल्तानपुर गांव के पास हुआ। मरने वालों में सभी की उम्र 20 साल से कम है।

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बिहार में सड़क किनारे पीपल के पेड़ के नीचे खड़ी होकर पूजा कर रहे लोगों को नशे में धुत एक ट्रक ड्राइवर ने कुचल दिया। इसमें 8 की स्मारकों पर ही मौत हो गई। मरने वालों में 6 बच्चे हैं। ये सभी लोग पीपल के पेड़ के नीचे खड़ी होकर पूजा कर रहे थे। उसी समय 120 की गति में एक ट्रक आया और लोगों को रौंदते हुए निकल गया। लोगों ने बताया कि अगर पेड़ नहीं होता तो 50 से ज्यादा जानें जातें।

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हादसा रविवार रात करीब 9 बजे सुल्तानपुर गांव के पास हुआ। मरने वालों में सभी की उम्र 20 साल से कम है। दुर्घटना के बाद गैस की आशंका से ट्रक को काटकर मृत घोषित किया गया। चिल्ड्रन ट्रक और ट्री ज्यादातर बीच में थे। ग्रामीण मनोज राय ने बताया कि घटना स्थल पर सड़क किनारे ही देवस्थल है। 50-60 साल से वहां पूजा हो रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि हादसे का शिकार यहां 60 से ज्यादा लोग मौजूद थे।

नशे में धुत ट्रक ड्राइवर ने गुस्से में लोगों को पीटा।  बाद में पुलिस ने इसे अस्पताल में भर्ती कराया।

नशे में धुत ट्रक ड्राइवर ने गुस्से में लोगों को पीटा। बाद में पुलिस ने इसे अस्पताल में भर्ती कराया।

चश्मदीद- मेरी आंखों के सामने पोती की मौत हो गई
इस घटना के चश्मदीद अनुज कुमार राय कथन हैं कि नेवतन की पूजा लगभग पूरी हो चुकी थी। सब अपने-अपने घर लौट रहे थे कि तभी हाजीपुर से महनार की तरफ अनियंत्रित ट्रक लोगों को कुचलता चला गया। इसके बाद वो पीपल के पेड़ में टकरा गया। अनुज के मुताबिक, अगर ट्रक पेड़ में नहीं टकराया तो कम से कम 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।

हादसे में 8 साल की अनुष्का की भी मौत हो गई। अनुष्का के दादाजी राजकुमार ने बताया कि बाबा भुइयां की पूजा से पहले नेवतन का कार्यक्रम चल रहा था। सड़क के किनारे ही पीपल के पेड़ के पास गांव के लोग कास्ट लेकर रहते थे। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, महिला सभी शामिल थे। 5.30 बजे पूजा शुरू हुई। 9:00 लगभग ये समाप्त हो गया था। उसी ट्रक में आए और यहां लोगों को कुचल दिया। मेरी आंखों के सामने पोती की मौत हो गई।

पहले देखें हादसे की तस्वीरें…

यह फोटो हादसे के बाद है।  शव सड़क पर दुर्घटना हुई।

यह फोटो हादसे के बाद है। शव सड़क पर दुर्घटना हुई।

मरने वालों में सभी की उम्र 20 से कम
मरने वालों की उम्र 8 से 20 साल के बीच है। मृत वर्षा कुमारी (8), सुरुचि (12), अनुष्का (8), शिवानी (8), खुशी (10), चन्दन (20), कोमल (10) और सतीश (17) शामिल हैं।

स्टेट्स पर बंध गया।  लोग मदद के लिए आगे आए और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।

स्टेट्स पर बंध गया। लोग मदद के लिए आगे आए और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।

हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया।  किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने पोता।

हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने पोता।

यह फोटो ट्रक ड्राइवर की है।  उसके सिर और मुंह पर चोट लगी है।

यह फोटो ट्रक ड्राइवर की है। उसके सिर और मुंह पर चोट लगी है।

प्रधानमंत्री ने भी दुख व्यक्त किया
पीएम मोदी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया। मृत के परिजनों को 2 लाख रुपये मदद देने का ऐलान किया। घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। उद्र, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया। बेरोजगार कुमार ने मृतकों के परिजन को 5-5 लाख रुपये मदद देने का ऐलान किया। साथ ही घायलों के इलाज के निर्देश दिए।

भुंइया बाबा की पूजा और नेवतन क्या है
गांव वालों ने बताया कि की भुंइया बाबा की पूजा वर्षों से होती आ रही है। भुंइया बाबा की पूजा में धरती की पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार धरती ने ही लोगों को जीवन दिया, धरती ही लोगो का जीवन यापन करती है। धरती से ही उपजे अन्न फल फूल को खाकर लोग जी रहे हैं। यहां तक ​​कि मरने के बाद भी धरती यानी की मिट्टी में ही लोग समा जाते हैं। कुल मिला कर जीवन से मरण तक मनुष्य पृथ्वी से आर्दश रहता है। इस गाँव की लोग धरती यानी भुइयाँ बाबा की पूजा करते हैं।​​

नेवतन मतलब अभिमंत्रण। भुइयां बाबा की पूजा के एक दिन पहले शाम को धरती को निमंत्रण देने की प्रथा है। इसी परंपरा के अनुसार स्टेट हाइवे की बगल में पीपल के पेड़ों की बगल में पूजा की जा रही थी। गाँव के लोगों के साथ गाँव के बच्चे भी इस पूजा को देख रहे थे। बच्चे सड़क किनारे थे।

8 शवों का एक साथ नदी के किनारे नयागंज के 28 टोला घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

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