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पेट्रोल-डीजल कार का उत्पादन बढ़ाने के लिए 21,000 करोड़ रुपए का जुर्माना ऑटो कंपनियां | भारत कार उत्पादन; ऑटो कंपनियां 21,000 करोड़ खर्च करेंगी

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नई दिल्ली2 मिनट पहले

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इलेक्ट्रिक कारों का ट्रांसपोर्टेशन हो सकता है, लेकिन पेट्रोल-डीजल कारों का डिमांड कम नहीं हुआ है। बड़ी घरेलू कंपनियां पारंपरिक कारों का उत्पादन बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने वाली हैं। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, महेन्द्र एंड महेन्द्र, किआ मोटर्स, हुंडई, टोयोटा जैसी कंपनियां पेट्रोल-डीजल कारों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में जुटी हैं।

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पेट्रोल-डीजल कार की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर संबंधित कंपनियां 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करती हैं
ऐसी कार की डिमांड का हाल ये है कि किसके लिए 20-22 महीने की वेटिंग चल रही है। 8 लाख से अधिक कार की शिकायत लंबित है। इसमें 99% पेट्रोल-डीजल कारें हैं। इसीलिए मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महेन्द्र एंड महेन्द्र के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर्स के मुताबिक, ये कंपनियां पेट्रोल-डीजल कारों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर करीब 20 हजार करोड़ खर्च करती हैं।

लगातार बढ़ रही वर्णक्रम की मांग, तैयारी में कंपनियां

महिंदा एंड महिंदा: अगले एक-डेढ़ साल में मध्यम मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अधिक चमक 60 लाख होगी। अभी कंपनी हर साल 3-3.5 लाख सिंबल बनाती है। उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी 3 साल में 8,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

टाटा मोटर्स: उत्पादन क्षमता 6 लाख से बढ़कर 9 लाख हो जाएगी। साणंद प्लांट चालू होने के बाद मासिक उत्पादन क्षमता 25-30 हजार के बीच। उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर कंपनी 6000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

मारुति सुजुकी: देश की सबसे बड़ी कार कंपनी ने हरियाणा में नए प्लांट के निर्माण सहित क्षमता विस्तार की अन्य योजना भी बनाई है। इन पर 7,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कंपनी पेट्रोल-डीजल सूचनाओं में नए मॉडल जारी किए गए।

कार का बैकलॉग

कंपनी बैकलॉग
मारुति सुजुकी 4-4.5 लाख
महिंदा और महिंदा 2.5-3 लाख
हुंडी 1- 1.5 लाख
टाटा मोटर्स 1 लाख
किआ 50 हजार

​​​​​नई कारों की बिक्री में ईवी की बंद 1% भी नहीं
अप्रैल-सितंबर के बीच देश में 18,142 ईवी बिकीं। दूसरी तरफ इसी तरह 19,36,740 कारें बिकीं। नई कारों की बिक्री में ईवी की झलक सिर्फ 0.93% रही।

… उर अमेरिकी बाजार में मुख्यधारा में आ रही है
अमेरिका में ईवी मेनस्ट्रीम में शामिल हो रहा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद बड़े पैमाने पर लोग ईवी अपना रहे हैं। जनवरी-सितंबर के बीच ईवी की बिक्री 70% मिलती है। नई कार की बिक्री में भी ईवी का कार्ड एक साल में जुड़ गया है। पिछले साल ये 2.9% था, जो 5.6% हो गया है।

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