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पोर्टमाेर्ट में मिली आयुषी की हत्या की पूरी कहानी: एक साल पहले आर्य समाज के मंदिर में की थी शादी, पिता ने रिवॉल्वर से मारी गोली

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मुठ्ठी3 मिनट पहले

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मथुरा में लाल रंग में मिली आयुषी की हत्या उसके व्यवसायी पिता नितेश यादव ने की थी। उन्होंने सीने में दो गोलियां मारी। साथ में मां ने भी दिया। इसके बाद काफी देर तक लाश को दिल्ली में बदरपुर स्थित घर में ही रखा। फिर लाल पोर्टों में शव को पैक कर 150 किमी. दुर्घटना में यमुना एक्सप्रेस पर फेंक दिया। पुलिस ने माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

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आयुषी की मां और पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  पुलिस के मुताबिक दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली है।

आयुषी की मां और पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली है।

आयुषी भरतपुर के रहने वाले का एक लड़के से अफेयर था। दोनों ने एक साल पहले आर्य समाज के मंदिर में शादी कर ली थी। लेकिन आयुषी अपने मां-पिता के घर पर रह रही थी। आयुषी के माता-पिता ने शादी के खिलाफ किया था। इसी बात पर 17 नवंबर को मध्याह्न आयु की मां से झगड़ा हुआ। मां ने पिता को इसकी सूचना दी। नाराज पिता घर आ गए। वे आयुषी को समना। लेकिन वह प्रचारक को तैयार नहीं था। गुस्से में आकर पिता ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से सीने में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान माता-पिता दोनों रोते रहे। उन्होंने बताया कि जो कुछ हुआ, सब एकाएक और गुस्से में हुआ। पिता ने पूछताछ में बताया कि बेटी जलील करती थी। उसे कई बार समना। लेकिन, वह वांछित नहीं था।

यह आयुषी यादव की फाइल फोटो है।

यह आयुषी यादव की फाइल फोटो है।

आयुषी का नीट में नाम आया, लेकिन अटैचमेंट में नहीं रखा गया
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आयुषी ने नीट दस्तावेज क्लीयर कर लिया था। लेकिन, उसने संपर्क में नहीं किया। माता-पिता ने घोषणा में शामिल होने के लिए काफी मान-मौव्वल की। लेकिन आयुषी नहीं देखा। पिता ने बताया कि वह हर बात पर परिवार का विरोध करने लगी थी।

रात में हत्या, रात में लाश फेंकी
17 नवंबर को मां से झगड़ा होने के बाद पिता ने आयुषी की गोली मारकर हत्या कर दी। दोपहर में उसकी लाश पोर्टो में पैक की गई। फिर अँधेरे होते ही कार में पोर्टोर्ट्स को रखा और 150 किमी. दूर के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर फेंक दिया। 18 की सुबह पोर्टपोर्ट में पैक आयुषी की लाश मिली थी।

आयुषी दिल्ली के ग्लोबल कॉलेज की होस्ट थी।  वह बीसीए की पढ़ाई कर रहा था।

आयुषी दिल्ली के ग्लोबल कॉलेज की होस्ट थी। वह बीसीए की पढ़ाई कर रहा था।

दो दिन मां और भाई आए की शिनाख्त
इससे पहले रविवार को पोस्टमॉर्टम हाउस आयुषी की मां ब्रजवाला और भाई आयुष के शव की शिनाख्त की ओर पहुंचा। शिनाख्त के बाद परिवार बिना किसी से बात किए सीधे पुलिस के साथ गाड़ी में निकल गए। मीडिया ने सवाल करने की कोशिश की, लेकिन मां और भाई कुछ भी नहीं बोले।

पुलिस ने कार भी बरामद कर ली है।  इसी कार से पिता ने बेटी का शव दर्दनाक एक्सप्रेस-वे पर फेंका था।  कार में मां के पीछे की सीट पर बैठी थी।

पुलिस ने कार भी बरामद कर ली है। इसी कार से पिता ने बेटी का शव दर्दनाक एक्सप्रेस-वे पर फेंका था। कार में मां के पीछे की सीट पर बैठी थी।

बीसीए का स्टूडेंट था
आयुषी बीसीए में पढ़ रही थी। पहचान करते समय मां और भाई की आंखों में आंसू आ गए। वह एक-दूसरे के गले मिलकर रोने लगे। ब्रजवाला की एक ही बेटी की उम्र थी और एक छोटा बेटा उम्र में। आयुषी हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि यह पुलिस अपने परिवार तक पहुंचती है। यानी परिवार ने पुलिस को आयुषी के लापता होने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। न ही मिसशुदगी दर्ज की गई थी।

इसके अलावा एक्सप्रेसवे किनारे के मृतक के लाल रंग के पोर्टपोर्ट में 18 नवंबर को शव मिला था।  वह 17 नवंबर से लापता था।

इसके अलावा एक्सप्रेसवे किनारे के मृतक के लाल रंग के पोर्टपोर्ट में 18 नवंबर को शव मिला था। वह 17 नवंबर से लापता था।

एक कॉल से आयुषी तक पुलिस पहुंचती है
दिल्ली से मथुरा पुलिस के पास एक कॉल आई थी। इसमें पोर्टपोर्ट में मिली लड़की के परिवार के बारे में जानकारी दी गई थी। पुलिस दावा कर रही है कि मुखबिर ने यह कॉल की थी। हालांकि, एक बात यह भी सामने आ रही है कि आयुषी के ही किसी पेश ने आपको पुलिस को फोन करके जानकारी दी।

  • अब आपको बताते हैं कि पुलिस ने इस खुलासे के लिए क्या-क्या किया?
पुलिस मां और भाई को लेकर रविवार की देर शाम पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंची और शव की शिनाख्त की।

पुलिस मां और भाई को लेकर रविवार की देर शाम पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंची और शव की शिनाख्त की।

100 पुलिसकर्मियों की टीम ने 300 सीसीटीवी कैमरे खंगाले थे
पोर्टोंटे में मिले वीडियो का खुलासा इससे पुलिस के लिए बड़ा चैलेंज था। पुलिस ने लड़की की शिनाख्त के लिए पुलिस के 100 जवानों की 14 टीमें बनाई थीं। पुलिस ने दावे से लेकर टोल प्लाजा तक करीब 300 सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग खंगाली। इसके बाद भी लड़की की शिनाख्त नहीं हो पा रही थी। तभी पुलिस को एक कॉल आई। इसमें बताया गया है कि बदरपुर के रहने वाली लड़की दो दिन से गायब है। यह सूचना ही पुलिस के लिए काफी थी। इसके आधार पर पुलिस की एक टीम लड़की के घर पहुंचती है।

पहचान करने के बाद लड़की की मां ब्रजबाला और भाई आयुष से मीडिया ने कई सवाल किए, लेकिन उन दोनों ने कोई जवाब नहीं दिया।

पहचान करने के बाद लड़की की मां ब्रजबाला और भाई आयुष से मीडिया ने कई सवाल किए, लेकिन उन दोनों ने कोई जवाब नहीं दिया।

  • खबर में आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं।

पुलिस की 14 टीमों ने 48 घंटे तक की मेहनत
शव मिलने के बाद पुलिस की प्राथमिकता थी कि शिनाख्त करना। कार्यवाहक एसएसपी मार्टंड लाइट सिंह ने इसके लिए पहले 4 टीमों को भड़काया। लेकिन, जैसे-जैसे समय बढ़ता गया टीम की संख्या बढ़ती गई। 14 टीमें इस खुलासे में शामिल हुईं। 100 से ज्यादा पुलिस कर्मी यह पता लगा रहे थे कि सटीक यह शव किसका है। 14 टीम, 100 से ज्यादा पुलिस कर्मी और 48 घंटे से ज्यादा समय तक की मेहनत का नतीजा यह रहा कि फाइनल पुलिस ने शिनाख्त करने में सफलता हासिल कर ही ली।

मार्टंड प्रकाश सिंह (कार्यवाहक कैरियर एसपीपी)

मार्टंड प्रकाश सिंह (कार्यवाहक कैरियर एसपीपी)

दैनिक और डीजीपी कार्यालय से ली जा रही थी
शुक्रवार यानी 18 नवंबर को जब शव मिला और यह खबर मीडिया की सुर्खियां बनीं। ऐसे में लखनऊ से मुथरा पुलिस के पास फोन आने पर। तालिका और डीजीपी कार्यालय से मामले की हर अपडेट रिपोर्ट जा रही थी। मृतक का शव जब शिनाख्त हो गया, उसके बाद मुथरा के कार्यवाहक एसएसपी ने मार्तंड प्रकाश सिंह की जानकारी और डीजीपी कार्यालय दी।

इस लड़की की लाश की तस्वीर है।  शव को पहले पॉलीथिन में पैक किया गया था और फिर पैर-पैर मोड़ पोर्टपोर्ट में बंद कर दिया गया था।

इस लड़की की लाश की तस्वीर है। शव को पहले पॉलीथिन में पैक किया गया था और फिर पैर-पैर मोड़ पोर्टपोर्ट में बंद कर दिया गया था।

शुक्रवार को मिला था शव
मुथ के थाना राया क्षेत्र में वृंदावन कट और राया कट के बीच याया एक्सप्रेस वे के सर्विस रोड पर शुक्रवार की दोपहर को लाल रंग के ट्रॉली बैग पोर्ट में शव मिला था। शव को पहले पालिथीन में पैक किया गया और फिर हाथ पैर का मोड़ पोर्टपोर्ट में बंद कर दिया गया। शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचें और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

लड़की के बाएं हाथ में कलावा और काला धागा बांधा था
लड़की काले रंग की टी-शर्ट और हाफ पैंट पहने हुए थी। कपड़ों से लग रहा था कि वह अच्छे परिवार की है। लड़की की चौड़ाई करीब 5 फीट 2 इंच थी। रंग गोरा, काले और लंबे बाल थे। स्लेटी कलर की टी-शर्ट हाफ बाजू पहनी हुई थी, जिस पर Lady Days लिखा था। नीले और सफेद रंग की पैंट पहनी हुई थी। बाएं हाथ में कलावा और काला धागा भी बंधा हुआ था। पैरों में हरे रंग की नेल लगी थी। इसके अलावा लड़की की छाती में सट्टाकर गोली मारी गई थी। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले थे।

  • आयुषी मर्डर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें..

मूरत में पोर्टपोर्ट में मिली लड़की की पहचान हुई

मथुरा में 18 नवंबर को लाल पोर्टेमेंट में मिली 22 साल की लड़की की शिनाख्त हो गई है। ललित ने पोस्टमॉर्टम हाउस तक पहुंचकर अपनी पहचान की। आशंका जताई जा रही है कि ऑनर किलिंग का मामला है। कर्जा दिल्ली के बदरपुर की रहने वाली थी। उसकी हत्या करने के बाद शव लाल पोर्टपोर्ट में बंद कर एक्सप्रेस-वे पर फेंक दिया गया था। यहां पढ़ें पूरी खबर

लाल पोर्ट्स में 22 साल की लड़की की लाश

इसके अलावा यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार सुबह पोर्टो में लड़की की लाश मिली है। सीने में गोली मारकर उसकी हत्या की गई है। शरीर पर चोट के कई निशान हैं। ऐसा लग रहा है कि हत्या से पहले लड़की ने खुद को बचाने की भरसक कोशिश की। उम्र करीब 22 साल है। इसलिए तय है कि ये हत्या कहीं और की गई। फिर लाश को लाकर यहां फेंका गया है। अभी, गर्ल की शिनाख्त नहीं हुई है। लोकेशन पर पहुंचने वाली पुलिस ने जांच के बाद फॉरेंसिंक टीम को बुलाया है। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जाता है। यहां पढ़ें पूरी खबर

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