HomeIndia Newsबोले, सावरकर ने अंग्रेजों से जुड़ा हुआ था: चिट्ठी लिखा था कि...

बोले, सावरकर ने अंग्रेजों से जुड़ा हुआ था: चिट्ठी लिखा था कि बटलर बने रहेंगे, गांधी-नेहरू ने ऐसा नहीं किया

Date:

Related stories

बंगालियों परेश के बयान, ममता के कहने का तंज: अभिषेक बनर्जी बोले- बीजेपी नेता सुवेंदु ने किया विरोध तो ED-CBI नोटिस भेजेंगे

हिंदी समाचारराष्ट्रीयपश्चिम बंगाल टीएमसी अभिषेक बनर्जी बनाम बीजेपी शुभेंदु...
  • हिंदी समाचार
  • राष्ट्रीय
  • सावरकर पर राहुल गांधी की टिप्पणी पर एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे | महाराष्ट्र समाचार

मुंबईएक मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
- Advertisement -
- Advertisement -

भारत जोड़ो यात्रा पर निकले राहुल गांधी के सावरकर पर दिए गए एक बयान पर भाजपा के साथ-साथ महाराष्ट्र के विशेष एकनाथ शिंदे और सीढ़ी ने भी ऐतराज जता दिया है। राहुल गांधी ने बुधवार को अकोला में मीडिया के सामने एक चिट्ठी दिखाई।

- Advertisement -

उन्होंने कहा कि ये चिट्ठी सावरकर ने लेखकों को लिखा था। बोले कि सावरकर ने डरकर मज़ाक मांगने लगी थी। दूसरी ओर गांधीजी, नेहरू और पटेल ने ऐसा नहीं किया। राहुल ने कहा कि इस चिट्ठी को फडणवीसजी भी देख लें। महाराष्ट्र के सीएम शिंदे ने इन नेताओं पर राहुल को दी चेतावनी। बोले- हम सावरकर का सम्मान करते हैं। बीजेपी ने कहा कि इस अनदेखी का जवाब दूंगा।

वो चिट्ठी देखिए, जिस पर राहुल का दावा- सावरकर ने लेखकों को लिखा है

राहुल गांधी ने अकोला में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत जोड़ो यात्रा के दौरान।  एक चिट्ठी दिखाई दी और कहा कि ये चिट्ठी सावरकर की है, जो उन्होंने लेखकों को लिखी थी।

राहुल गांधी ने अकोला में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत जोड़ो यात्रा के दौरान। एक चिट्ठी दिखाई दी और कहा कि ये चिट्ठी सावरकर की है, जो उन्होंने लेखकों को लिखी थी।

चिट्ठी पर राहुल का पूरा बयान…

राहुल गांधी ने कहा, “ये देखिए मेरे लिए सबसे जरूरी दस्तावेज। ये सावरकरजी की चिट्ठी है। इसमें उन्होंने अंग्रेजों को लिखा है। मैं आपका सबसे ज्यादा ईमानदार सेवक रहना चाहता हूं। ये मैंने नहीं सावरकरजी ने लिखा है। फडणवीसजी चाहते हैं। तो देख लें। सावरकरजी ने अंग्रेजों की मदद की। सावरकरजी ने ये चिट्ठी साइन की।

गांधी, नेहरू और पटेल के साल जेल में रहे और कोई चिट्ठी नहीं साइन की। सावरकरजी ने इस कागज पर हस्ताक्षर किए, उनका कारण डर था। अगर कोई नहीं तो कभी साइन नहीं करते। सावरकरजी ने जब साइन किया तो हिंदुस्तान के गांधी, पटेल को धोखा दिया था। उन लोगों ने भी कहा कि गांधी और पटेल भी साइन कर दें।”

राहुल गांधी ने 71 दिनों के दौरान 6वीं प्रेस कांफ्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान।

राहुल गांधी ने 71 दिनों के दौरान 6वीं प्रेस कांफ्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान।

सावरकर के परिवार ने राहुल के बयानों को किया नजरअंदाज
जोक वाली चिट्ठी दिखाई देने पर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने आपत्ति जताई है। कहा कि वीर सावरकर की उपेक्षा की गई है। वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत करेंगे।

एकनाथ और उड़ने वाले को भी राहुल के बयान ऐतराज पर
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा- हमारी पार्टी सावरकर का बहुत सम्मान करती है। स्वतंत्रता सेनानी पर राहुल गांधी की टिप्पणी का समर्थन नहीं करते। हमारे मन में वीर सावरकर के लिए बहुत सम्मान और विश्वास है और इसे मिटाया नहीं जा सकता। केंद्र सरकार सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया?

महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा- महाराष्ट्र के लोग हिंदू लोगों को नजरअंदाज नहीं करेंगे। वीर सावरकर के अपमान को सूचित नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र में श्रद्धेय स्वतंत्रता सेना की उपेक्षा की गई और कुछ ऐसे भी लोग थे जो इसे सहते रहे। सावरकर का अपमान करने वालों के प्रति एक नर दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।

एकनाथ शिंदे का इशारा ठाकरे की ओर था।

उपेक्षा करने वालों को उचित जवाब देंगे: फड़वणीस
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राहुल बड़े बेशर्मी से झूठ बोलते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लोग सावरकर का अपमान करने वालों को उचित जवाब देंगे। राहुल गांधी वीर सावरकर के बारे में कुछ नहीं जानते और रोज झूठ बोलते हैं।

राहुल गांधी भी महाराष्ट्र के वाशिम में बिरसा मुंडा के जन्मोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे थे।

राहुल गांधी भी महाराष्ट्र के वाशिम में बिरसा मुंडा के जन्मोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे थे।

यहां से विवाद शुरू
राहुल की भारत जोड़ो यात्रा अभी महाराष्ट्र है। मंगलवार को जब यात्रा वाशिम पहुंचे तो राहुल ने बिरसा मुंडा की जयंती पर रैली को संदेश दिया। उन्होंने कहा- सावरकर बीजेपी और आरएसएस का सिंबल है। जब उन्हें दो-तीन साल तक जेल में रखा गया तो उन्होंने दया याचिका लिखना शुरू कर दिया।

सावरकर ने खुद पर एक अलग नाम से एक किताब लिखी थी और बताया था कि वह कितने बहादुर थे। बिरसा मुंडा कभी एक इंच भी पीछे नहीं हटे। शहीद हो गए। ये आदिवासियों के प्रतीक हैं। बीजेपी-संघ के प्रतीक सावरकर ने दया याचिकाएं लेखनी शुरू कर मंडली। इस बयान पर सियासत हो रहा है।

खबरें और भी हैं…

Source link

- Advertisement -

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here