HomeIndia Newsमासूम की मौत, 4 डॉक्टर समेत 7 पर एफआईआर: जांच में सभी...

मासूम की मौत, 4 डॉक्टर समेत 7 पर एफआईआर: जांच में सभी दोषी के दोषी पाए गए, सिद्धविनायक अस्पताल का लाइसेंस रद्द

Date:

Related stories

भिलाई17 मिनट पहले

- Advertisement -

भिलाई-3 के सिद्धविनायक अस्पताल में इलाज के दौरान 10 माह के बच्चे की मौत हो गई। जांच के बाद 4 डॉक्टरों सहित 7 के खिलाफ दर्ज कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में परिजनों की शिकायत के बाद जांच में कुछ पाए जाने पर कार्रवाई की है। पुलिस ने सिद्धविनायक हॉस्पिटल के डॉ संमीत राज प्रसाद, डॉ दुर्गा सोनी, डॉ हरिराम यदु, डॉ गिरीश साहू, विभा साहू, आरती साहू, निर्मल यादव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।

- Advertisement -

- Advertisement -

देव बलौदा निवासी महेश कुमार वर्मा अपने नाटी शिवांश वर्मा को विंटर-खांसी की शिकायत पर 27 अक्टूबर को सिद्धविनायक अस्पताल में भर्ती हुए थे। तीन दिन के इलाज के बाद 31 अक्टूबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में बच्चे के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में नए आरोप लगाए।

नर्स के इजेक्शन से मरने के बाद

सिद्धविनायक अस्पताल में चेकअप के लिए डॉ.एस.आर. प्रसाद की ओर से बच्चे की सांसें तेज चलने की बात कही गई। बच्चे को आईसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया गया। दूसरे दिन एक्स-रेकरकर कारण बताने की बात कही गई। एक्स-रे के बाद बताया गया कि बच्चे के हाथों में कफ भरा है। बच्चे को भर्ती कर दी गई तो कंट्रोल हो गया। 31 अक्टूबर को डॉक्टर की गैरमौजूदगी में नर्स की ओर से इंजेक्शन लगा, जिससे सुबह 06.40 बजे शिवांशों का दम टूट गया।

4 डॉक्टर समेत 7 पर मामला दर्ज

महेश की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और लिपिक कर्मचारी का संयुक्त जांच दल कर लेते हैं सीएम की ओर से विभागीय जांच का आरोप लगाया गया। जांच में अधिकारी चिकित्सक डॉ.संमीत राज प्रसाद, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ.दुर्गा सोनी, डॉ. हरिराम यदु, डॉ. गिरीश साहू एवं पैरामेडिकल स्टाफ कुमारी विभा साहू, आरती साहू, कुमारी निर्मल यादव की ओर से शिवांस वर्मा के उपचार में मिश्रे से मरते हुए पाए गए।

जांच के आधार पर इन खिलाफ धारा 304 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। डॉक्टरों पर कार्रवाई के बाद सिद्धविनायक अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।

जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महेश की शिकायत के बाद पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम ऑडिट और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच की। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि सिद्धविनायक अस्पताल की सुविधाएं और कर्मचारियों ने बच्चे के इलाज में अनुकूल बरती। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने चार कार्यस्थलों और तीन कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। जल्द ही जालसाजों को गिरफ्तार किया जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन पर 20 हजार का जुर्माना

वहीं दुर्गा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जेपी मेश्राम ने बताया कि नर्सिंग होम अधिनियम के तहत सिद्धि विनायक अस्पताल की मान्यता रद्द कर दी गई है और अस्पताल प्रबंधन पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

खबरें और भी हैं…

Source link

- Advertisement -

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here