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मिजोरम के पत्थर में 11 शव मिले: एक मजदूर अभी भी लापता; सोमवार रात को मेरे

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5 पहली

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हनथियाल में फैली के साथ 5 खुदाई और कई ड्रिलिंग मशीनों में दब गए।  - दैनिक भास्कर
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हनथियाल में फैली के साथ 5 खुदाई और कई ड्रिलिंग मशीनों में दब गए।

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मिजोरम के हंथियाल जिले में सोमवार को एक पत्थर मिला। दुर्घटना में 12 पहलुओं के होने की आशंकाएं हुई थीं। मंगलवार रात तक बीएसएफ की टीम ने 11 शवों को निकाल लिया है। अभी भी एक लापता लापता है। घटना मौदढ़ इलाके में 14 नवंबर को दोपहर करीब 3 बजे हुई। बचाव टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था।

माइरामोराने के दौरान 13 पुरुष थे
एसपी विनीत कुमार ने बताया कि हादसे का शिकार एबीसीआईएल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के 13 मजदूर माइंस में काम कर रहे थे। एक साथी वहां से सफल रहा, लेकिन 12 कार्यकर्ता नहीं निकल सके। वे फंस गए। एसपी ने बताया था कि शाम 7.30 बजे तक किसी भी मजदूर को निकालने में सक्सेस नहीं सकी मिल।

मलबे में दब​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​

यह पिछले एक साल से ऑपरेशनल है। उन लोगों के अनुसार दोपहर का खाना खाकर उन्होंने अपना भर लिया और वे उसके नीचे फंस गए। लचर के साथ 5 ट्रैक्टर और कई ड्रिलिंग मशीनों में भी दब गए हैं। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, बॉर्डर बाउंड्री फोर्स और असम राइफल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हो गए हैं। पास के लेइते गांव और हंथियाल कस्बे के लाग रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर रहे हैं।

न्यूड वॉलंटियर्स भी कार्य में लगे

यंग मिजो एसोसिएशन के दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य में मदद की।

यंग मिजो एसोसिएशन के दुर्घटना स्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य में मदद की।

मेडिकल कॉलेज भी पहुंच गए हैं। इलाके से परिचित लोगों ने बताया कि जब मजदूर पत्थर तोड़कर उन्हें इट्ठा कर रहे थे, उसी समय मील गए। यंग मिजो एसोसिएशन के योद्धा आसपास के इलाकों में पहुंच गए और बचाव में मदद करने लगे।

पहाड़ी को काफी गहराई तक तोड़ दिया था
स्टेट्स पर मौजूद लोगों ने बताया कि झीलों ने पहाड़ को काफी गहराई तक तोड़ दिया था, इससे पहाड़ उन पर और ग्रन्थियों पर आधारित थे। वनलालजुइया ने कहा कि शुरुआत में एक-दो पत्थर गिरे। इसके बाद कुछ मजदूर वहां से भाग गए, लेकिन बाकी सभी वहीं फंस गए। मलबे में फंसे लोगों को निकालना मुश्किल हो रहा है क्योंकि पूरी पहाड़ी की मिट्‌टी ही उन पर गिर गई है। प्रशासन ने हनथियाल के अस्पतालों में पूरी तैयारी कर ली है। स्मारकों पर भी सूचित किया जाता है।

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राजस्थान के मकराना में दरकी पहाड़, बाल-बाल बचे मजदूर

राजस्थान के जिस मकराना मार्बल से ताजमहल जैसी मीनारें बनी हैं, वे माइन्स अब कमजोर होकर आपस में जुड़ रही हैं। गुरुवार दोपहर 3 बजे नागौर के मकराना में बोरावड़ कुम्हारी रेंज की 37 नंबर खान भरभरा कर ली गई। पहाड़ का पूरा हिस्सा ही दरक पड़ा।

मीले हुए का यह वीडियो उसी समय काम कर रहे एक मजदूर ने गोली मार दी। गुरुवार दोपहर 6 बजे मजदूर मजदूर काम कर रहे थे। दोपहर में कांकड-पत्थर गिरना शुरू हुए तो वे माइस से बाहर आ गए। पढ़ें पूरी खबर…

झारखंड में धांसी में था

झारखंड के धनबाद में करीब 7 महीने पहले माइनस हो गया था। चिरकुंडा थाना क्षेत्र के डुमरीजोड़ में बीसीसीएल के बंद माइंस में अवैध खनन के कारण मील धंसी थी। उसकी लगभग 60 फीट ऊंची सड़क भी धंस गई। इसमें 50 से ज्यादा लोगों के अस्थिर होने की आशंका थी, लेकिन बाद में रेस्क्यू टीम ने ऑपरेशन कर लोगों के फंसाने की आशंका को खारिज कर दिया था।

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