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मौत सड़क पर ट्रक दौड़ा रहा था ड्राइवर: वैशाली में 30 लोग कुचले जाने वाले घायल- 40 रुपये की देसी शराब पी थी

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पटना4 मिनट पहलेलेखक: बृजम पाण्डेय

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मेडिकल रिपोर्ट में ड्राइवर का ब्लड, यूरिन और ब्रेथ, तीनों में शराब पीने की पुष्टि हो गई है।

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बिहार के वैशाली में सड़क किनारे पूजा कर रहे लोगों पर ट्रक चढ़ाने वाले ड्राइवर ने 40 रुपये का गिलास देशी शराब पी रखा था। यह खुलासा उन्होंने खुद किया। ड्राइवर लालू कुमार के अनुसार उसने जदुआ में 40 रुपये प्रति ग्लास के होश से देसी शराब पी थी।

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उसने बताया कि वह हाजीपुर से ट्रक लेकर महनार की तरफ लेकर जा रहा था। इससे पहले उसने जदुआ में कुछ ट्रक चालकों के साथ देसी शराब पी। जिसे होटल लाइन से प्रति टम्बलर 40 रुपए में पिया था। दूसरे ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश में हादसा हो गया। आसान हो कि बिहार में शराबबंदी लागू है।

उसी समय ड्राइवर की मेडिकल रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में मेडिकल ऑफिसर ने साफ-साफ ने लिखा है कि ट्रक ड्राइवर नशे में था। इतना नशा करने में था कि उसके पैर पर नहीं चल रहा था। वैशाली सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मनीष कुमार राजन ने बताया कि ड्राइवर के ब्लड, यूरिन और ब्रेथ की जांच की गई है। इन तीनों में शराब पीने की पुष्टि हो गई है। ड्राइवर ने नशे में ही इस बड़े हादसे को अंजाम दिया।

मेडिकल रिपोर्ट में ड्राइवर के शराब पीने की पुष्टि हो गई है।

मेडिकल रिपोर्ट में ड्राइवर के शराब पीने की पुष्टि हो गई है।

हादसे में 8 की स्मारकों पर ही मौत हो गई। मरने वालों में 6 बच्चे हैं। वहीं 30 लोग घायल हो गए। लोगों ने बताया कि अगर पेड़ नहीं होता तो 50 से ज्यादा जानें जातें। इस घटना के चश्मदीद अनुज कुमार राय कथन हैं कि पूजा लगभग पूरी तरह से हो चुकी थी। सब अपने-अपने घर लौट रहे थे कि तभी हाजीपुर से महनार की तरफ जा रहे ट्रक के लोग कुचल गए और पेड़ से टकरा गए।

यह फोटो हादसे के बाद है।  शव सड़क पर दुर्घटना हुई।

यह फोटो हादसे के बाद है। शव सड़क पर दुर्घटना हुई।

भुइयां बाबा की पूजा करने के दौरान हादसा हुआ

वैशाली में बाबा भुइयां की पूजा से पहले नेतन का कार्यक्रम चल रहा था। सड़क के किनारे ही पीपल के पेड़ के पास गांव के लोग कास्ट लेकर रहते थे। इसमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी शामिल थे। शाम 5.30 बजे पूजा शुरू हुई थी। रात 9:00 बजे लगभग यह समाप्त हो गया था। तभी हाजीपुर की तरफ से एक तेज रफ्तार ट्रक आई और वहां खड़े लोगों को कुचलते हुए पेड़ में टकरा गया। जब तक लोग संभलते, 8 की मौत हो गई। 30 लोग घायल हो गए।

गांव के लोग सालों से भुइयां बाबा की पूजा करते आ रहे हैं। मनोकामना पूरी तरह से होने के बाद लोग अपनी स्वेच्छा के अनुसार इस पूजा की स्थापना करते हैं। वर्षों से न्यूटन का कार्यक्रम इसी पेड़ के पास होता आ रहा है। लेकिन इस तरह की दुर्घटना आज तक नहीं हुई थी।

हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया।  किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने पोता।

हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने पोता।

चश्मदीद- मेरी आंखों के सामने पोती की मौत हो गई

इस घटना के चश्मदीद अनुज कुमार राय कथन हैं कि नेवतन की पूजा लगभग पूरी हो चुकी थी। सब अपने-अपने घर लौट रहे थे कि तभी हाजीपुर से महनार की तरफ अनियंत्रित ट्रक लोगों को कुचलता चला गया। इसके बाद वो पीपल के पेड़ में टकरा गया। अनुज के मुताबिक, अगर ट्रक पेड़ में नहीं टकराया तो कम से कम 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।

हादसे में 8 साल की अनुष्का की भी मौत हो गई। अनुष्का के दादाजी राजकुमार ने बताया कि बाबा भुइयां की पूजा से पहले नेवतन का कार्यक्रम चल रहा था। सड़क के किनारे ही पीपल के पेड़ के पास गांव के लोग कास्ट लेकर रहते थे। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, महिला सभी शामिल थे। 5.30 बजे पूजा शुरू हुई। 9:00 लगभग ये समाप्त हो गया था। उसी ट्रक में आए और यहां लोगों को कुचल दिया। मेरी आंखों के सामने पोती की मौत हो गई।

भुंइया बाबा की पूजा और नेवतन क्या है

ग्रामीणों ने बताया कि की भुंइया बाबा की पूजा वर्षों से होती आ रही है। भुंइया बाबा की पूजा में धरती की पूजा की जाती है। मान्यता के अनुसार धरती ने ही लोगों को जीवन दिया, धरती ही लोगो का जीवन यापन करती है। धरती से ही उपजे अन्न फल फूल को खाकर लोग जी रहे हैं। यहां तक ​​कि मरने के बाद भी धरती यानी की मिट्टी में ही लोग समा जाते हैं। कुल मिला कर जीवन से मरण तक मनुष्य पृथ्वी से आर्दश रहता है। इस गाँव की लोग धरती यानी भुइयाँ बाबा की पूजा करते हैं।​​

नेवतन मतलब अभिमंत्रण। भुइयां बाबा की पूजा के एक दिन पहले शाम को धरती को निमंत्रण देने की प्रथा है। इसी परंपरा के अनुसार स्टेट हाइवे की बगल में पीपल के पेड़ों की बगल में पूजा की जा रही थी। गाँव के लोगों के साथ गाँव के बच्चे भी इस पूजा को देख रहे थे। बच्चे सड़क किनारे थे।

हादसे से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ें:

पूजा कर रहे 30 लोगों को ट्रक ने कुचला:8 की मौत; चश्मदीद बोला-पेड़ नहीं होता तो 50 मरते

बिहार के वैशाली में सड़क किनारे पीपल के पेड़ के नीचे खड़ी पूजा कर रहे हैं नशे में धुत एक ड्राइवर ने ट्रक चढ़ा दिया। इसमें 30 जख्मी हो गए। 8 की स्मारकों पर ही मौत हो गई। मरने वालों में 6 बच्चे हैं। हादसा रविवार रात करीब 9 बजे सुल्तानपुर गांव के पास हुआ। पीपल के पेड़ के नीचे 60 से ज्यादा लोग भुंइया बाबा की पूजा करने लगे थे। इस घटना के चश्मदीद अनुज कुमार होती राय अगर ट्रक पेड़ में नहीं टकराई तो कम से कम 50 से ज्यादा लोगों की मौत। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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