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राजीव गांधी के हत्यारे को मिली छूट, भी जारी करें: स्वामी श्रद्धानंद की SC से अपील- बिना पैरोल के 29 साल से जेल में हूं

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  • आजीवन कारावास के दोषी स्वामी श्रद्धानंद की सुप्रीम कोर्ट से अपील, राजीव गांधी के हत्यारे रिहा, मुझे भी आजाद करो

नई दिल्ली8 मिनट पहले

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पत्नी की संपत्ति के लिए उसकी हत्या करने वाले 80 साल के स्वामी श्रद्धानंद ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी रिहाई की मांग की है। श्रद्धानंद ने अपील में कहा है कि राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा कर दिया गया है। अब मुझे भी जारी किया जाए। श्रद्धानंद के वकील ने CJI देवय चंद्रचूड़, जस्टिस हिमा कोहली की याचिका के पास याचिका दायर की है। स्वामी श्रद्धानंद की पत्नी शकीरा की हत्या के आरोप में मार्च 1994 से जेल में हैं।

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पहले क्यों सजा काट रहे स्वामी श्रद्धानंद
मैसूर के एक पूर्व दीवान सर मिर्जा इस्माइल की पोती शकीरा ने ऑस्ट्रेलिया और ईरान में भारत के पूर्व राजदूत रहे अकबर खलीली से 21 साल की शादी करके तलाक खत्म कर दिया था। इसके एक साल बाद 1986 में शकीरा ने श्रद्धानंद से शादी की थी।

श्रद्धानंद पर आरोप है कि उसने 600 करोड़ की संपत्ति हड़पने के लिए शकीरा को 1991 में नशीला केमिकल्स को जिंदा दफन कर दिया था। बाद में पुलिस ने शकीरा की बॉडी खोदकर निकाली। इसके बाद 30 अप्रैल 1994 को श्रद्धानंद को गिरफ्तार किया गया।

2000 में एक ट्रायल कोर्ट ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। 2005 में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सजा ज्यों की त्यों रखी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने श्रद्धानंद की अपील पर 2008 में मौत की सजा को बिना किसी छूट के उम्रकैद में बदल दिया था।

वकील बोले- ये समानता के अधिकार का उल्लंघन
श्रद्धानंद के वकील वरुण ठाकुर ने सीजेआई दीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस जेबी पारदीवाला की उम्र से कहा कि दोषी को एक हत्या के लिए बिना छूट के दी गई थी। वह पहले ही 29 साल की जेल काट चुका है, यहाँ तक कि उसे एक भी दिन पैरोल नहीं मिला है।

ठाकुर ने कहा- पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के आरोप 30 साल की सजा के बाद पैरोल पर रिहा कर दिए गए। यह समानता के अधिकार के उल्लंघन का मामला है। इसके बाद बेंच जल्द सुनने के लिए तैयार हो गई है।

ठाकुर ने यह भी कहा कि अपीलकर्ता 80 साल से अधिक उम्र का है और मार्च 1994 से जेल में है। मौत के बावजूद उन्हें तीन साल के लिए बेलगाम जेल के एकांत कारावास में रखा गया था। वह कई बीमारियों से भी पीड़ित है।

सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

राजीव हत्याकांड के सभी दोषी रिहा

राजीव गांधी हत्याकांड के सभी 6 दोषी रिहा हो गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आने के एक घंटे बाद ही उम्रकैद की सजा काट रहे सभी दोषियों की रिहाई हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को इसी मामले में दोषी पेरिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था। बाकी दोषियों ने भी उसी क्रम का हवाला देते हुए कोर्ट से रिलीज की मांग की थी। पढ़ें पूरी खबर…

जबरन धर्म परिवर्तन देश की सुरक्षा के लिए खतरा

डर-धमकाकर या लालच देकर धर्म परिवर्तन को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर मामला बताया है। सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जबरन धर्म को बदलना न सिर्फ धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर…

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