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राम रहीम के बरनावा डेरे की कहानी: 6 गेट पर प्रेम स्थापित, उसका चरण से सत्संग, मेन गेट के आगे मोबाइल-गैजेट अलाउड नहीं

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सनमीत सिंह थिंद, हिसार4 मिनट पहले

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उत्तर प्रदेश (यूपी) के बागपत जिले बरनावा डेरा में स्थित डेरा सच्चा सौदा धारी राम रहीम ने 40 दिन की पैरोल काट ली है। यह पैरोल आज खत्म हो रहा है। डेरा प्रमुख ने 30 दिन में 300 से ज्यादा सत्संग किए और अपना आखिरी सत्संग 20 नवंबर को किया।

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राम रहीम के बरनावा आश्रम में ही टेंट और वहां सुरक्षा-सत्संग के एतराज को लेकर हर तरफ चर्चा है। ऐसे में दैनिक भास्कर ने राम रहीम के इस डेरे का जायजा लिया। जिसमें पता चला है कि डेरा शाला को पुलिस से ज्यादा डेरा समर्थकों की अचूक मान्यताएं हैं।

राम रहीम इसी डेरे से ऑनलाइन सत्संग हुआ।

राम रहीम इसी डेरे से ऑनलाइन सत्संग हुआ।

जिसमें कोई परिंदा भी राम रहीम तक नहीं पहुंच सकता। उसी अवस्था से राम रहीम सत्संग करता है, वह शुरुआत से ही चलता है। डेरे के मेन गेट के अंदर मोबाइल-गैजेट अलाउड नहीं है। इसे रोकने के लिए गेट पर एशेयर के अलावा मेटल डिटेक्टर से भी चेकिंग की जाती है। इससे की फोटो-वीडियो बाहर नहीं मिलते हैं। पढ़िए… राम रहीम के डेरे को जाने के रास्ते से मेन गेट के अंदर की पूरी कहानी..

जिस रास्ते राम रहीम का अजनबी, वहां पुलिस चौकी में कर्मचारी बढ़े
बरनावा डेरा यूपी के मेरठ-बड़ौत रोड पर स्थित है। उससे मेरठ की दूरी 35 किलोमीटर और बडौत की दूरी 16 किलोमीटर है। बडौत तहसील से राम रहीम के डेरे की ओर जाने से पहले बलौली पुलिस चौकी को पार करना पड़ता है। इस चौकी पर राम रहीम के आने के बाद पुलिस कर्मचारियों की संख्या में इजाफा हुआ है। बरनावा डेरा जाने के लिए यह चौकी पार करनी पड़ती है।

राम रहीम के डेरे के मेन गेट के बाहर रुका प्रेमी।

राम रहीम के डेरे के मेन गेट के बाहर रुका प्रेमी।

डेरे की बाउंड्री पर नो पार्किंग
डेरे की बाउंड्री पर कोई भी व्यक्ति कार नहीं खा सकता। यहां तक ​​कि बाउंड्री से सटी रोड पर भी गाड़ी खाने की मनाही है। राम रहीम के डेरे पर यूपी पुलिस से ज्यादा डेरा कर्मचारियों के लिए सुरक्षा आश्वासन है।

डेरे की दीवार के साथ सड़क के किनारे यूपी पुलिस टेंट लगाकर बैठी है।  जहां से हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जाती है।

डेरे की दीवार के साथ सड़क के किनारे यूपी पुलिस टेंट लगाकर बैठी है। जहां से हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जाती है।

मेन गेट पर एक ही एंट्री
बरनावा डेरे में प्रवेश के लिए मेन गेट पर एक ही प्रवेश द्वार है। यहां जो भी जाता है, उनकी चेकिंग होती है। डेरे के अनुयायी भी शामिल हैं। गेट पर ही वहां रुकें सेवादार, दूसरे राज्य से आने वाले सेवादारों से स्लिप मांगते हैं। यह स्लिप संबंधित ब्लॉक का भंगीदास स्थिति है। उस पर्ची पर लिखा है कि कितने अधिकारी डेरे में भेजे गए हैं।

बिना पर्ची के डेरे में एंट्री नहीं
बिना ब्लॉक प्रमुख की पर्ची के कोई भी डेरे में प्रवेश नहीं कर सकता। मेन गेट पर चेकिंग के बाद अंदर प्रवेश करने पर दूसरी बार डेरे की सेवादारों की निजी देनदारियों को चेक करता है। अन्य मोबाइल से लेकर इलेक्ट्रानिक डिवाइस तक पूरी तरह से प्रतिबंधित है। मेटल डिटेक्टर से इसकी जांच की जाती है। महिलाओं के लिए अलग-अलग चेकिंग व्यवस्था है।

मेन गेट पर संलग्नक ही डेरा दस्तावेजों की जांच और पूरा विवरण नोट किया जाता है।

मेन गेट पर संलग्नक ही डेरा दस्तावेजों की जांच और पूरा विवरण नोट किया जाता है।

डेरे के 6 गेट, हर गेट पर चाहने वालों का पहरा
राम रहीम के बरनावा डेरे में 6 गेट है। हर गेट पर चाहने वालों का पहरा है। मेन गेट पर यूपी पुलिस के जवान हाईटेक लेस हैं। हर गेट पर यूपी पुलिस के सील्स के साथ राम रहीम के प्यारे दिन-रात पहरा दे रहे हैं। जिसके खाने से लेकर सोने की व्यवस्था भी वहीं है।

राम रहीम का तरवास
डेरे के अंदर ही 2 रास्ते बने हैं। एक रास्ता उस ओर जाता है, जहां डेरा प्रमुख सत्संग करता है। दूसरा रास्ता राम रहीम के तेरावास यानी डेरा मुखी के रहने की जगह पर जाता है। यहां कदम-कदम पर सुरक्षा गार्ड लेकर खड़े हैं। वहां केवल डेरा के अधिकारियों को ही जाने की अनुमति है।

कार्यभार की आज्ञा के बाद ही राम रहीम से मिलने के लिए कोई व्यक्ति उस ओर आ सकता है। तेरहवास के बाहर राम रहीम की ब्लैक मर्सिडीज को सुरक्षा कर्मचारी देते हैं। राम रहीम इसी मर्सिडीज से यात्रा करते हैं तो कुछ कदम ही सुरक्षा कर्मचारियों की रैंकिंग में आते हैं।

मेन गेट से अंदर का दौरा भी पड़ता है ताकि राम होने की आशंका को कोई खतरा न हो।

मेन गेट से अंदर का दौरा भी पड़ता है ताकि राम होने की आशंका को कोई खतरा न हो।

रजिस्टर से स्टेज
इस डेरे में राम रहीम जिस अवस्था पर स्थिर सत्संग करता है, वह वैसे ही चलता है। इस स्टेज को सिरसा डेरा ट्रू डील से बरनावा में ले जाया गया। राम रहीम के मंच के सामने बड़ी स्क्रीन है, जिस पर वह जूम से दूसरे डेरों में ऑनलाइन सत्संग करता है और ग्राहकों के सवालों का जवाब देता है। इस स्क्रीन के पीछे ही प्रेयसी उसके सत्संग नंबर हैं।

1980 में बने इस डेरे की भी खास कहानी
1980 में बने इस बरनावा डेरे की भी खास कहानी है। राम रहीम का भी इससे विशेष आकर्षण है। इस डेरे की स्थापना 1980 में शाह सतनाम ने की थी। शाह सतनाम डेरा के सच्चे सौदे के दूसरे संत थे और अपने जुड़ाव में उन्होंने केवल एक ही डेरे की स्थापना की थी। शाहनाम ने ही अपने समय में राम रहीम को गद्दी अधिष्ठापित किया था। यह डेरा 100 एकड़ में बन गया है। राम रहीम को 1 बार फर्लो और दो बार पैरोल मिला। दोनों बार राम रहीम ने समूह समय काटा।

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