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रूस के समझौते व्यवस्था को करने के तरीके खुद के लोगों को चोट लगी | रूस यूक्रेन युद्ध; अमेरिका द्वारा आपूर्ति की गई AGM-88 एयर-लॉन्च HARM मिसाइल

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प्रत्यक्ष2 मिनट पहले

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26 सितंबर, शाम 6 बजे यूक्रेन ने AGM-88B मिसाइल लॉन्च की। मकसद रूस के प्लान को समझाना था, लेकिन इसे अपनी मर्जी से मिस कर दिया। इसके चलते पूर्वी यूक्रेन के क्रमाटोर क्षेत्र में यह मिसाइल गिर गई जहां तीन लोग घायल हो गए। 24 नवंबर को न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में खुलासा किया है। यह मिसाइल यूक्रेन को रूस का सामना करने के लिए अमेरिका ने दी थी।

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जांच में सामने आया कि सितंबर में यूक्रेन की तरफ से दागी गई गलती से खाली अपार्टमेंट हिट हो गया था। पिछले 9 महीनों से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध में यह पहला मामला है जब अमेरिका में बनी किसी मिसाइल ने हार मान ली है। एजीएम-88बी एक हाई स्पीड एंटी रेडिएशन मिसाइल है, जिसकी नींव को मंजूरी देने के लिए दाग दिया जाता है। इसका मुख्य कार्य एयर डिफेंस सिस्टम और ग्लू सिस्टम को लेकर संबंध है।

रूस से बातचीत के लिए यूक्रेन को लगातार अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों से मिसाइलें मिल रही हैं।

रूस से बातचीत के लिए यूक्रेन को लगातार अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों से मिसाइलें मिल रही हैं।

लोगों को रूस ही नहीं अपनी मिसाइलों से भी डर लग रहा है

यूक्रेन के जिस डोनबास इलाके में यह खतरा है वहां लगातार रूसी हवाई हमले हो रहे हैं। वहां के लोगों के मुताबिक अब उन्हें अपनी दिक्कतों से भी डर लग रहा है। एक महिला ने कहा कि अब वो लोग थोड़ी सी आवाज होने पर डर जाते हैं। हालांकि यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में किसी भी प्रतिक्रिया को अस्वीकार कर दिया है।

इस महीने यूक्रेन की तफ़ से मिसफायर हुई थी

इसी महीने नवंबर में भी यूक्रेन की 2 मिसाइल मिस फायर होने की वजह से पोलैंड में गिरी थी। इस मिस फायर में 2 लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआत में ऐसा माना जा रहा था कि यह मिसाइल रूस ने दागी है। हालांकि बाद में खुद अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन, नाटो प्रमुख और पोलैंड के राष्ट्रपति ने रूस को क्लीन चिट दे दी थी। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ये मिशन जापानी कर्मचारियों की जवाबी कार्रवाई के बाद पोलैंड में गिरी हैं।

क्यों यूक्रेन के लिए घातक हो सकती हैं ऐसी मिसफायर

हालांकि जांच में इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि यूक्रेन ने जानबूझ कर ऐसा किया था। इसके बावजूद अगर ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं तो इससे येरेन को कई तरह की क्षति होने की संभावना होती है।

  • सबसे बड़ा नुकसान तो यही होगा इससे लगातार यूक्रेन के लोगों की जान को ही खतरा रहेगा।
  • दूसरा बड़ा नुकसान रूस के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यूक्रेन की मिस फायर को इस तरह से टूटने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
  • यूक्रेन लगातर रूस पर आरोप लगा रहा है कि वो अपने हमलों में सार्वजनिक स्थानों पर निशाना बना रहा है। कौन से अपार्टमेंट, स्कूल और अस्पताल शामिल हैं। इस बीच यदि यूक्रेन की मिसाइल मिसाइल मिस करती हैं और लोगों को किसी तरह का नुकसान होता है तो वो रूस पर इस तरह का कोई आरोप नहीं लगाएंगे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस ने खुद सार्वजनिक स्थानों पर हमला कर यूक्रेन पर आरोप लगाया है।

हालांकि रक्षात्मक मनोज जोशी के अनुसार इस तरह से किसी मिसाइल को चूकना कोई नई बात नहीं है। बड़े स्तर पर हो रहे किसी भी युद्ध के दौरान ऐसा होना आम बात है। उन्होंने यह भी बताया कि रूस में इस तरह की घटनाओं को ज्यादा फायदा नहीं मिलता है। इसकी मुख्य वजह रूस के ताबड़तोड़ हवाई हमले हैं। रूस लगातार यूक्रेन के सिविलियन जा रहा है। इसके कारण उनमें काफी सुबूत पहले से मौजूद हैं।

जनवरी में अमेरिका ने मंदी का एक बड़ा जखीरा यूक्रेन के लिए भेजा था।

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भारत से मिसफायर हुई पाकिस्तान में मिसाइलें

भारत की एक मिसाइल 9 मार्च को पाकिस्तान में 124 किलोमीटर अंदर उसके शहर चन्नू मियां के पास जा रही है। भारत का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ। पाकिस्तान मिलिट्री के मुताबिक, उसकी एयर डिफेंस ने ये पकड़ लिया था कि सिरसा से कोई हाई स्पीड प्रोजेक्ट पहले भारत में और फिर हवा में देखे हुए इलाकों में घुस गया। इसके बाद पाकिस्‍तानी एयर फोर्स स्‍टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसिजर का लगातार इस क्‍वालिटी की निगरानी करता रहा, लेकिन इस दौरान पाकिस्‍तान को ये नहीं पता चला कि ये एक मिसाइल है।

एक्सर्ट्स के मुताबिक, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मिसाइल की स्पीड से तुरंत कुछ करना मुश्किल था। साथ ही शांति काल के समय किसी भी देश के लिए अचानक प्रतिक्रिया देना मुश्किल होता है। इसलिए पाकिस्तान सेना का जवाब नहीं दे पाई।

वियतनाम युद्ध के बाद एजीएम-88 बनाया गया था

दुश्मन देश की एयर डिफेंस मिसाइल साइट्स को लिंक करने के लिए वियतनाम युद्ध के बाद यूएस नेवी और एयर फोर्स ने AGM-88 को विकसित किया था। एक बार लॉन्च होने के बाद मिसाइल आस-पास मौजूद इलेक्ट्रोमैग्निटक रेडिएशन को ढूंढ़ता है। जो दुश्मन देश की एयर मिसाइल साइट्स के सिस्टम से निकल रही हैं। आपके अनुबंध पर पहुंच पर जोखिम आपके वॉरहेड में लगे 40 पाउंड के विस्फोटक के साथ फट गया है।

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