श्रीकृष्ण के पास की सुरक्षा के लिए:

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9 पहलालेखक: पं. विजयशंकर मेहता

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कहानी – महाभारत के बाद की घटना है। अभिमन्यु की जांच करने वालों को यह पता चलता है। श्रीकृष्ण, पांचों पांडव और कुंती सभी। उत्तरा ने श्रीकृष्ण से कहा, ‘मेरी रक्षा शांति, अश्वथामा ने ब्रह्मास्त्र का प्रहार मेरे ऊपर है। संतान में उत्पन्न होने वाले बच्चे की मृत्यु हो जाती है और ब्रह्मास्त्र एक बार चलने के लिए तैयार होता है। मेरे इस अंश के प्राण बदल जाते हैं। मेरे पांडव वंश है, मेरी रक्षा करें।’

कुँती और पांचों पांडव प्रबंधक श्री कृष्ण के प्रस्थान और बोलेंगे, ‘आपस में रक्षा करें।’

श्रीकृष्ण ने लॉग इन किए। माया के कच से गर्भ में पल रहे बच्चे को गर्भ में पलना होगा। जैसे ब्रह्मास्त्र, श्रीकृष्ण ने शांत किया। श्रीकृष्ण से, ‘कृष्णा हम सहेजे गए, बाद में सहेजे गए की सुरक्षा के लिए क्या-क्या रिकॉर्ड किए गए, यह सहेजा गया।’

श्रीकृष्ण ने कहा, ‘जो भक्त भगवान हैं।’

सीखना – ये पूरी तरह से पर्यावरण शिक्षा दे रहे हैं कि अगर हम पशु मंगल पर पर्यावरण और अटुटूट पशु कीट-बाड़ी-ब्रह्मास्त्र के रूप में काम करते हैं।

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