संयंत्र पर ‘सा की जुबां’ संयंत्र की स्थिति: घातक्स ने ली सोनपाप की जगह, चाइनीज के बाद के विकल्प का बाजार पर धारण किया।

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निशा सिन्हाएक खोज पहले

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  • दिवाली पर उपहार के लिए 60 से 80%
  • प्रदूषण और

नर्सरी को संबोधित करने के लिए भी। आपसी भाईचारे में वृद्धि हुई है। स्वस्थ होने के साथ-साथ खाने के साथ-साथ अच्छी तरह से तैयार होने वाले खतरनाक भी।

धनतेरस के पहले से ही शुरू हो रही है
डेल्ही में नर्सरी के लिए विषैला जहर, “सूरज के लिए जहर की तरह। आज का सबसे पहला ग्राहक: 40 पौधे लगाए। पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण पौधे की गुणवत्ता अच्छी होती है। 3-4 पौधों को पौधे की तरह लगाया जाता है। इस तरह की स्थिति में रहने की स्थिति में खरीदारी की जा रही है।

फेरीदाबाद सेक्टर 86 की आदिति नर्सरी से अमरीश सैनिटरी, “दिवाली पर उपहार के रूप में शेयरिंग के लिए दिल्ली की कंपनी एक से हजार पाधों का डेटाबेस। 3 कुछ प्रकार के बैठक को दीयों से भी बिजवा हूँ। मूवी में किसी भी तरह से बदली में बदली की गई है। सामान्य तौर पर, यह 80% बेहतर होता है। “

दिवाली पर पौधारोपण का बढ़ना

दिवाली पर पौधारोपण का बढ़ना

चीन के पोस्ट्स से बन रहे हैं इंडिया में दिवाली
उपहार । स्वादिष्ट बनाने के लिए… पर्यावरण को संतुलित करने के लिए… अदिति नर्सरी के अमरीश सैनी स्वीकार करते हैं कि चीन के लिए भी खतरनाक है।

वातावरण में वातावरण साफ करने के गुण हैं।

वातावरण में वातावरण साफ करने के गुण हैं।

सास की जुबां
परिवार के सदस्यों ने इस परिवार में प्रवेश किया। हंस-मजाक की भाषा में ‘सास की जुबान’ के नाम से प्रसिद्ध इस पाैधे में रोगाणुओं के गुणी गुण हैं। 🙏 यह सुनिश्चित करने के लिए इसे लागू किया गया है। कुछ इस प्रकार से इस तरह के रूप में दी गई हैं।

चीन से

चीन से

लकी प्लांट पीछे छूट गया
जेड को लक से जोड़ा गया है। हवा पर चलने वाले हवा में उड़ने वाले और पवित्र होने के बाद उसे पवित्र होने के लिए रखा जाता है। पर्यारण मित्र विमलेन्दु झा भी मानते हैं कि पॉल्यूशन को लेकर लोगों में आई जागरूकता के कारण ही फेस्टिवल पर यह नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। हमारे माली नर्सरी के फ़ैसल अली खान का उत्पाद “सेक्स से प्रभावित” है। वन विभाग की ओर भी पौधरोपण करते हैं। मेरे नर्सरी से वन विभाग को पौधे लगाये गए हैं।

प्रभाव

प्रभाव

पटाखों से भी खतरनाक ध्वनि
SAFAR 2017 की दिवाली रिपार्ट के ‘दिवस के दिन’ का स्तर बढ़ गया। डेल्ही के एअर क्‍वा क्‍वाटी माइण्टमेंट पूर्व संचार डॉ. दीपंकर साहा यह स्वीकार करते हैं कि दिवाल के पटाखों से सलूशन के साथ ही उन्हें PACA के रूप में भी प्रभावित किया जाता है। हलांकिडिय़ों के हवा में होने वाले खतरे खतरनाक हैं। दिल्ली में एक व्यक्ति को एक व्यक्ति को 300 ग्राम से बढ़ाया जाता है 500 ग्राम प्रति व्यक्ति। मूवी इंप्लीमेंट भी है। इन कू््ड़ों्ड़ों्््ा पर भी खराब है।

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