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सुरिंदर मक्कड़ के हत्यारे ने मिंटू को उम्रकैद: 1987 में गोलियों से मारने की थी पूर्व विधायक मक्कड़ के भाई की हत्या

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  • सुरिंदर सिंह मर्डर केस का आरोपी जिला एवं सत्र न्यायालय जालंधर द्वारा दोषी करार, सजा अभी तय नहीं, पूर्व विधायक मक्कड़ के भाई की 1987 में हुई थी गोली मारकर हत्या

जालंधर2 घंटे पहले

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जालंधर के बिजनेसमैन एवं पूर्व विधायक सरबजीत सिंह मक्कड़ के भाईसुरिंदर सिंह मक्कड़ की फाइल फोटो जिनमें वे मिंटू और उनके साथियों ने घर में घुसकर मार डाला था।  - दैनिक भास्कर
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जालंधर के बिजनेसमैन एवं पूर्व विधायक सरबजीत सिंह मक्कड़ के भाईसुरिंदर सिंह मक्कड़ की फाइल फोटो जिनमें वे मिंटू और उनके साथियों ने घर में घुसकर मार डाला था।

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जालंधर की जिला एवं अदालत ने करीब 35 साल पुराने जालंधर के व्यवसायी सुरिंदर सिंह मक्कड़ की हत्या के मामले में हर पहलू पर सतिंदरजीत सिंह उउ मिंटू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आज दोपहर से पहले कोर्ट ने खालिस्तानी आरोपों में मिंटू को दोषी करार दिया था और सजा पर फैसला दोपहर से लंबित रखा था। अब कोर्ट ने हत्या और टाडा के तहत मिंटू को ताउम्र जेल की सजा सुनाई है।

पूर्व विधायक सरबजीत सिंह मक्कड़ के भाईसुरिंदर सिंह मक्कड़ के घर पर ही मिंटू ने अपने 3 साथियों के साथ गोलियों से मार डाला था। पीड़ित पक्ष की तरफ से कोर्ट में केस लड़ रहे एडवोकेट मनदीप सिंह सचदेव ने कहा कि सुरिंदर सिंह मक्कड़ की हत्या में सतिंदर सिंह के साथ जुड़े रिश्ते हरदीप सिंह विक्की, हरविंदर सिंह और पलविंदर सिंह पहले ही मौत के मुंह में समा चुके हैं। अब सिर्फ कोर्ट ने सिर्फ मिंटू की सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने यह मामला घर की नौकरानी गोल्डन कौर के बयान दर्ज कराया था। स्वर्ण कौर इस मामले में चश्मदीद भी थी।

परिवार और बच्चों के साथ हंसते भाई प्ले मैनेजर सुरिंदर सिंह मक्कड़ की एक पुरानी तस्वीर

परिवार और बच्चों के साथ हंसते भाई प्ले मैनेजर सुरिंदर सिंह मक्कड़ की एक पुरानी तस्वीर

एडवोकेट मनदीप सिंह सचदेव ने कहा बेशक 36 साल, एक बहुत लंबे समय के बाद फैसला आया है लेकिन परिवार को आज अदालत से न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि संतिदरजीत सिंह उर्फ ​​मिंटू की हत्या और टाडा की उम्रकैद की सजा हुई है। यह दोनों वाक्य साथ-साथ जाएंगे।

घंटी बजाकर घर में पैर लगे हुए थे
मॉडल टाउन के साथ हुए गुरु तेग बहादुर नगर में 22 जनवरी, 1987 को मक्कड़ के भाई के घर की घंटी बजा। बूटा मिलने की वजह से घरेलू नौकर गोल्डन कौर ने जैसे ही गेट खोला तो उसमें शामिल संतिंदरजीत सिंह और उनके तीन साथी हरदीप सिंह विक्की, हरविंदर सिंह और पलविंदर सिंह घर में घुस गए। सभी हाथों में हथियार थे। विदेशी घर में घुसते ही फायरिंग शुरू कर दी। इस सीसीटीवी में नौकर और अन्य लोग तो बच गए, लेकिन सुरिंदर सिंह मकड़ की बॉडी जंजीर से छलनी हो गई और उनकी मौत हो गई।

पुलिस थाना डिवीजन नंबर छह की पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जब सुरिंदर सिंह का कत्ल हुआ तब उनका बेटा प्रिंस मक्कड़ पांच साल का था। वर्तमान में प्रिंस मक्कड़ शहर का बहुचर्चित गिक्की हत्याकांड में गुरदासपुर जेल में बंद है।

जेल में रहने के बाद जमानत पर छूट, पेश न होने पर भगौड़ा करार
सुरिंदर सिंह मक्कड़ की हत्या के बाद मिंटू वीजा हो गया था। सतर्कता डीजीपी ने विशेष टीम का गठन करके दिल्ली, यू.पी. सहित कई जगहों पर सतर्कता की लेकिन मिंटू पुलिस के हाथ नहीं लगा। मिंटू को 18 साल बाद 22 जून 2005 को पकड़ा गया। मिंटू खालिस्तान कमांडो फोर्स का गठन होता है। उनका कनेक्शन बब्बर खालसा से भी था।

पुलिस ने जांच कर मिंटू के खिलाफ पूरा मामला दर्ज किया, लेकिन कुछ साल जेल में रहने के बाद मिंटू जमानत पर छूट दी गई। जमानत पर छूट के बाद मर्डर केस की स्थिति में दोबारा कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इस पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए सतिंदरजीत सिंह उर्फ ​​मिंटू को अगस्त 2009 में भगौड़ा घोषित कर दिया था।

2013 में चार किलो हेरोइन के साथ बटाला पुलिस पकड़ी गई
कोर्ट से भगौड़ा होने के बाद मिंटू स्मोकिंग तस्कर के धंधे में फंस गया। वह पाकिस्तान से आई चार किलो हेरोइन की खेप लेकर जा रहा था कि उसे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने साल 2013 में नाकाबंदी कर ली। मिंटू से हेरोइन के जो पैकेट बरामद हुए उस पर पाकिस्तान के मुहर के साथ-साथ उर्दू में 999 लिखा था।

इसके बाद जालंधर पुलिस मिंटू को बटाला से जालंधर में ले आई। कोर्ट में पेश कर उसे जेल में बंद करने के बाद रीमैर्ड केस का ट्रायल शुरू हुआ। जिसमें आज जिला एवं सत्र अदालत ने जज सतिंदरजीत सिंह मिंटू को दोषी करार दिया है। अब उसे सजा सुनाई गई है।

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