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18 की उम्र में बन गया था कातिल: NIA ने 10 लाख का ईनाम घोषित कर रखा था, पाकिस्तान में रहटक नार्को-तारिज्म को दिया था जन्म

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अमृतसर7 मिनट पहले

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हरविंदर सिंह रिंदा।  - दैनिक भास्कर
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हरविंदर सिंह रिंदा।

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भारत से भागकर पाकिस्तान में आईएसआई के पास पानाह लेने वाला रिंदा उम्र में ही गैर-कानूनी काम में शामिल हो गया था। 18 साल की उम्र में रिंदा ने अपने ही रिश्ते का कत्ल कर दिया था। इसके बाद उनका परिवार कभी तरनतारन नहीं लौटा। हरविंदर का बचपन ही क्रिमिनल अकाउंट्स से आंखें मूंद रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के चलते हरविंदर का परिवार 11 साल की उम्र में ही उसे लेकर नांदेड़ चला गया था। उसका काफी समय नांदेड़ में ही गुजरा। पारिवारिक पारिवारिक व संपत्ति के कारण 18 साल की उम्र में उसने अपने ही रिश्ते का कटल कर दिया था। इसके बाद वह नांदेड़ में भाग गया। लेकिन नांदेड़ में भी वह अधिक समय तक नहीं चला। महाराष्ट्र में फिरौती व तस्करी जैसी घटनाओं में नाम आने के बाद वहां की पुलिस ने उस पर सख्ती शुरू कर दी थी।

हरविंदर सिंह रिंदा पर NIA ने 10 लाख का इनाम घोषित किया था।

हरविंदर सिंह रिंदा पर NIA ने 10 लाख का इनाम घोषित किया था।

2016 में नांदेड़ में मामला दर्ज हुआ
नांदेड़ में उस पर 2016 में दो मामले दर्ज हुए थे। वह नांदेड़ से भाग गया और पुलिस के हाथ नहीं आया। पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है। आपराधिक घटनाओं और महाराष्ट्र पुलिस के दबाव के कारण हरविंदर तड़ीपार पंजाब वापस आ गए। पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में पैर रखते ही उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय को चुना। यहां पर उन्होंने अपना ठिकाना बना लिया।

2016 में मौ राजनीति में पसारे पैर
रिंदा ने 2016 में छात्रों की राजनीति में पैर रखा। हरविंदर अर रिंदा ने छात्रों में अपनी पैठ और शिक्षा में अपना खतरा पैदा करने के लिए सबसे पहले एंटी-विरोधी ग्रुप के नेताओं पर गोलियां चलवाईं थीं। यूनिवर्सिटी में ही वह रोमांटिक दिलप्रीत सिंह बाबा, हरजिंदर सिंह उर्फ ​​आकाश और अन्य अपराधियों के संपर्क में आया। इसके बाद रिंदा ने अपने साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र वाला हड़पना शुरू कर दिया। चंडीगढ़ में ही रिंदा पर हत्या, हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज हैं। इन सब में वह खड़ा है।

बिना पगड़ी के हरविंदर सिंह रिंदा।

बिना पगड़ी के हरविंदर सिंह रिंदा।

बेंगलुरू में पुलिस के हाथ से रिंदा निकल गई थी
अपराध की दुनिया में आने के बाद रिंदा इतनी निडर हो गई थी कि उसने पीयू के छात्र रहते हुए तस्वीरों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। साल 2017 में पंजाब पुलिस के हाथ लग रहा है कि रिंदा बेंगलूरू में है। वह अपनी पत्नी के साथ एक होटल में फंसा हुआ है। पंजाब पुलिस ने रेड की एक होटल पर रेटिंग के आधार पर। रिंदा होटल के कमरे की खिड़की से निकल कर भाग गई। पुलिस ने रिंदा की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था।

परमीश वर्मा पर भी दस्तावेज हमला किया था
यही हरविंदर सिंह रिंदा है जिसने पंजाबी गायक परमीश वर्मा पर मोहाली के पास पर हमला किया था। यह हमला दिलप्रीत सिंह बाबा ने अप्रैल 2018 में किया था। दिलप्रीत सिंह बाबा इस मामले के बाद चंडीगढ़ से पकड़े गए थे। रिंदा ने यह हमला दिलप्रीत सिंह बाबा से फिरौती के लिए अटैचमेंट था। इससे पहले रिंदा ने गायकों को फिरौती के लिए धमकाया भी था। दिल सिंह प्रीत बाबा ने फिरौती के लिए परमीश वर्मा पर रिंदा के कहने पर हमला तो कर दिया था, लेकिन इसके बाद बाबा ने रिंदा से दूरी बना ली। दोनों अलग हो गए थे। रिंदा पर सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि पंजाब और पंजाब में भी कई मामले दर्ज होते हैं।

बदमाश दिलप्रीत और पंजाबी अभिनेता परमीश वर्मा।

बदमाश दिलप्रीत और पंजाबी अभिनेता परमीश वर्मा।

पाकिस्तान पहुंच गया बब्बर खालसा इंडिया का काम
आपराधिक मामला बढ़ने के बाद उसने पाकिस्तान में बैठकर शिकायत की मदद ली और वह पाकिस्तान में शामिल हो गया। पाकिस्तान जाकर बब्बर खालसा इंडिया का काम देखना शुरू कर दिया। लेकिन वहां उसका मुख्य काम भारत में हथियार आपूर्ति करवाना और हेरोइन का तस्कर भी है।

पंजाब खुफिया कार्यालय पर हमला
पिछले कुछ सालों में पंजाब में जो भी हमले हुए, सभी में रिंदा का नाम सामने आया। अटका बम ब्लास्ट में पाकिस्तान से RDX पंजाब में आपूर्ति का कोई और नहीं, रिंदा ही था। इसके बाद मोहाली में पंजाब इंटेलिजेंस ऑफिस पर आरपीजी ब्लॉस्ट वाला रिंदा ही था। जांच में सामने आया कि रिंदा ने लॉरेंस के गुर्गों की मदद से इस धमाके को अंजाम दिया।

मोहाली में हुए इस धमाके के पीछे रिंदा की साजिश थी।

मोहाली में हुए इस धमाके के पीछे रिंदा की साजिश थी।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी नाम आया
भारत में हथियार मिलने के लिए विदेश में बैठे समझौते, तस्कर और दबंग रिंदा का सहारा लेने लगे। यह भी चर्चा हो रही थी कि कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ ने भी सिद्धू मूसेवाला की हत्या करने के लिए पाकिस्तान से हथियार रिंदा के जरिए ही भिजवाए थे। हालांकि पंजाब पुलिस ने कभी इसकी अधिकृत अधिकारिता नहीं की।

पंजाबी सिंगर सिद्धू मौसेवाला।

पंजाबी सिंगर सिद्धू मौसेवाला।

रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी हो चुका है
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भारत में वांटेड रिंदा को पकड़ने के लिए भारत की खूफिया एजेंसियां ​​लंबे समय से कोशिश में जुटी हुई थी। एनआईए ने तो भारत में रिंदा पर 10 लाख का नाम घोषित कर दिया था। इसके बावजूद रिंदा लगातार भारत में धीमी की खेप रहा था। हाल ही में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर के जरिए इंटरपोल नोटिस का भी बहिष्कार किया गया था।

नार्को-टेरेरिज्म रिंदा की ही डेन
पाकिस्तान से पहले रिंदा अपना तस्करता का नेटवर्क पंजाब में चला गया था। ज्यादातर तस्कर वंडर उनके संपर्क में थे। पाकिस्तान में बब्बर खालसा की कमान संभालने के बाद रिंदा ने लगातार अपने सभी सूत्रों से संपर्क साधा। सीमा पर सख्ती होने के बाद, उसने तस्करों को हथियार पंजाब में आपूर्ति करने की जिम्मेदारी सौंपनी शुरू कर दी। जिसने पंजाब में नार्को-टेरेरिजम को जन्म दिया।

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