IPL 2021 अपडेट ललित यादव ने कांच तोड़ने पर, पिता को ग्रीष्मकालीन शिविर में प्रशिक्षण के लिए भेजा; कोच की सलाह पर बल्लेबाज से विकेटकीपर बने ऑलराउंडर शीशा तोड़ने पर पिता ने प्रशिक्षण के लिए समर कैंप में भेजा; कोच की सलाह पर विकेटकीपर दंत चिकित्सकों से ऑलराउंडर बन गए

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दिल्ली2 मिनट पहलेलेखक: राजकिशोर

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आईपीएल 2021 में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से नाराज रॉयल्स के खिलाफ दिल्ली के ऑलराउंडर ललित यादव ने डेब्यू किया था। इस मैच में उन्होंने 20 रन की अहम पारी खेली। इसके बाद पंजाब किंग्स के खिलाफ दूसरे मैच में ललित ने 6 गेंदों पर 12 रन बनाए। भास्कर ने अपने पापा और कोच से अब तक के सफर पर बात की। दिल्ली के नजफगढ़ के खैरा गांव के रहने वाले ललित के पिता जिले सिंह यादव एक प्रमुख कंपनी में इंजीनियर हैं।

उन्होंने बताया कि वह भी गांव में क्रिकेट खेलते थे, हालांकि उन्होंने गली-मोहल्ले की क्रिकेट से ऊपर नहीं खेला। उनके घर में बैट और बॉल रहता था। जब ललित 6 साल के थे, तो वह अपने बड़े भाई तरुण के साथ घर के बाहर ही क्रिकेट खेल रहे थे। ललित ने शूट मारा तो एक गेंद घर की खिड़की पर लग गई कांच टूट गया। इसके बाद उन्होंने घर के पास ही समर कैंप में ललित और तरुण को भेज दिया।

ललित के बड़े भाई को क्रिकेट में मन नहीं लगाया गया, वहीं ललित रेुलर ट्रेनिंग करने लगे। दो साल तक वह घर के पास ही प्रशिक्षण करने के बाद नजफगढ़ में स्पोर्टिंग क्रिकेट क्लब के कोच अमित वशिष्ठ के पास क्रिकेट के गुर सीखने लगी।

श्रद्धानंद कॉलेज से पार्ट टाइम विकेटकीपर के तौर पर खेल चुके हैं
जिले सिंह ने बताया कि ललित शुरुआत में विकेटकीपर बल्लेबाज थे। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रद्धानंद कॉलेज क्रिकेट टीम में भी पार्ट टाइम विकेटकीपर के तौर पर इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में खेल चुके हैं। लेकिन जब वह नजफगंढ़ में स्पोर्टिंग क्रिकेट क्लब में चली गई, तो वहां पर कोच अमित वशिष्ठ की सलाह पर गेंदबाजी पर भी फोकस करने लगे और फिर टीम में एक आलराउंडर के रूप में खेलने लगे।

ललित यादव अपने परिवार के साथ।

ललित यादव अपने परिवार के साथ।

मैच में resular बॉलर नहीं आने पर की गेंदबाजी, तब कोच ने गेंदबाजी पर फोकस करने की दी सलाह
अमित वशिष्ठ ने बताया कि ललित 2007 से उनके पास प्रशिक्षण कर रहा है। जब वह प्रशिक्षण के लिए आया तो शुरुआत में विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी करते थे। हालांकि नेट्स पर स्पिन गेंदबाजी भी करते थे। एक बार अंतर स्कूल टूर्नामेंट के दौरान उनका नियमित गेंदबाज नहीं आया। ऐसे में उस समय में विकेटकीपिंग के साथ ही बाद के ओवरों में उन्हें गेंदबाजी भी कराई जाती है। ललित ने इस मैच में विकेट लिया। उसके बाद उन्होंने उसे रेुलर नेट्स पर गेंदबाजी का भी अभ्यास करने को कहा। बाद वह मैच में टीम के लिए महत्वपूर्ण गेंदबाज बन गया। इस तरह वह विकेटकीपर से बैटिंग ऑलराउंडर बन गया।

पिछले साल स्पोर्ट्स कोटे से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी शुरू हुई
जिले सिंह ने बताया कि ललित की श्रद्धानंद कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद स्पोर्ट्स कोटे से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी चली गई। अब वे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और दिल्ली से खेल रहे हैं।

टी -20 में लगाए गए 6 गेंदों पर 6 छक्के हैं
अमित वेंडर ने बताया कि ललित नजफगढ़ स्पोर्ट्स कंपलेक्स में खेले गए टी -20 की तुलना में 6 बार 6 गेंदों पर भी लगाए गए हैं। जिसकी वजह से उनकी टीम स्पोर्टिंग क्लब ने 210 रन बनाए। इस मैच में ललित ने 46 गेंदों पर 130 रन बनाए। वहीं अंडर -14 के 40 ओवर के एक मैच में वह दोहरा शतक भी लगा चुके हैं।

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